पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़

4 जुलाई 2027 का पंचांग

रविवार · आषाढ़ अमावस्या

4 जुलाई 2027, रविवार को आषाढ़ अमावस्या है, सुबह 8:32 तक; उसके बाद प्रतिपदा। नक्षत्र आर्द्रा है, दोपहर 12:10 तक। सूर्योदय सुबह 5:28 और सूर्यास्त शाम 7:23। राहु काल शाम 5:39 से शाम 7:23 तक है। इस दिन आषाढ़ अमावस्या है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन के त्योहार और व्रत

पंचांग

4 जुलाई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
आषाढ़ अमावस्यासुबह 8:32 तक, फिर प्रतिपदा
नक्षत्र
आर्द्रादोपहर 12:10 तक, फिर पुनर्वसु
योग
ध्रुवदोपहर 3:22 तक, फिर व्याघात
करण
नागसुबह 8:32 तक
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
आषाढ़ (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
मिथुनसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मिथुन
सूर्योदय
सुबह 5:28
सूर्यास्त
शाम 7:23
चंद्रोदय
सुबह 5:18
चंद्रास्त
रात 7:51

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
रात 3:52 से सुबह 4:40 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:58 से दोपहर 12:53 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:45 से दोपहर 3:40 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
शाम 5:39 से शाम 7:23 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 12:25 से दोपहर 2:10 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 3:54 से शाम 5:39 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जुलाई 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

महाभारत, रामोपाख्यान

संस्कृत · उनतालीस में से एक

महाभारत के वन पर्व में आई छोटी रामकथा, जिसे मार्कंडेय ऋषि युधिष्ठिर को सुनाते हैं। पूरी कथा सात सौ चार श्लोकों में आ जाती है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

4 जुलाई 2027 को कौन सी तिथि है?

4 जुलाई 2027, रविवार को आषाढ़ अमावस्या है, सुबह 8:32 तक। उसके बाद प्रतिपदा लगती है।

4 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 4 जुलाई 2027 को राहु काल शाम 5:39 से शाम 7:23 तक है। यमगंड दोपहर 12:25 से दोपहर 2:10 तक और गुलिक काल दोपहर 3:54 से शाम 5:39 तक है।

4 जुलाई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

आर्द्रा नक्षत्र, दोपहर 12:10 तक, फिर पुनर्वसु।

4 जुलाई 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

4 जुलाई 2027 को आषाढ़ अमावस्या है।