पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़

6 जुलाई 2027 का पंचांग

मंगलवार · आषाढ़ शुक्ल तृतीया

6 जुलाई 2027, मंगलवार को आषाढ़ शुक्ल तृतीया है, रात 9:49 तक; उसके बाद चतुर्थी। नक्षत्र पुष्य है, सुबह 6:34 तक। सूर्योदय सुबह 5:29 और सूर्यास्त शाम 7:23। राहु काल दोपहर 3:54 से शाम 5:39 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: भानु जयंती · भानुभक्त रामायण के कवि, 13 जुलाई 2027, मंगलवार।

पंचांग

6 जुलाई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
आषाढ़ शुक्ल तृतीयारात 9:49 तक, फिर चतुर्थी
नक्षत्र
पुष्यसुबह 6:34 तक, फिर आश्लेषा
योग
हर्षणसुबह 7:16 तक, फिर वज्र
करण
तैतिलसुबह 11:29 तक
वार
मंगलवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
आषाढ़ (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
कर्कसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मिथुन
सूर्योदय
सुबह 5:29
सूर्यास्त
शाम 7:23
चंद्रोदय
सुबह 7:44
चंद्रास्त
रात 9:23

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
रात 3:53 से सुबह 4:41 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:58 से दोपहर 12:54 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:45 से दोपहर 3:40 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 3:54 से शाम 5:39 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 8:57 से सुबह 10:42 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 12:26 से दोपहर 2:10 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जुलाई 2027 का पूरा महीना

मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar

कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं

आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।

Google कैलेंडर में जोड़ें

  • मुफ़्त
  • कोई साइन अप नहीं
  • नाम, नंबर या ईमेल नहीं
  • जब चाहें हटा दें

दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल

इस दिन की रामकथा

आनंद रामायण

संस्कृत · उनतालीस में से एक

नौ कांडों का ग्रंथ, जिसमें पूरी वाल्मीकि कथा पहले ही कांड में सिमट जाती है, और बाक़ी आठ कांड नई कथाओं के हैं। इसमें ऐसे कई प्रसंग जुड़े हैं जो पुराने पाठों में नहीं मिलते। इसका रामरक्षा स्तोत्र आज भी रोज़ पढ़ा जाता है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

6 जुलाई 2027 को कौन सी तिथि है?

6 जुलाई 2027, मंगलवार को आषाढ़ शुक्ल तृतीया है, रात 9:49 तक। उसके बाद चतुर्थी लगती है।

6 जुलाई 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 6 जुलाई 2027 को राहु काल दोपहर 3:54 से शाम 5:39 तक है। यमगंड सुबह 8:57 से सुबह 10:42 तक और गुलिक काल दोपहर 12:26 से दोपहर 2:10 तक है।

6 जुलाई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

पुष्य नक्षत्र, सुबह 6:34 तक, फिर आश्लेषा।

6 जुलाई 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

भानु जयंती · भानुभक्त रामायण के कवि, 13 जुलाई 2027, मंगलवार को।