आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़
25 जून 2027 का पंचांग
शुक्रवार · आषाढ़ कृष्ण षष्ठी
25 जून 2027, शुक्रवार को आषाढ़ कृष्ण षष्ठी है, रात 8:17 तक; उसके बाद सप्तमी। नक्षत्र शतभिषा है, शाम 5:07 तक। सूर्योदय सुबह 5:25 और सूर्यास्त शाम 7:23। राहु काल सुबह 10:39 से दोपहर 12:24 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
25 जून 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आषाढ़ कृष्ण षष्ठीरात 8:17 तक, फिर सप्तमी
- नक्षत्र
- शतभिषाशाम 5:07 तक, फिर पूर्वा भाद्रपद
- योग
- प्रीतिसुबह 11:56 तक, फिर आयुष्मान
- करण
- गरसुबह 7:17 तक
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- आषाढ़ (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- कुंभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मिथुन
- सूर्योदय
- सुबह 5:25
- सूर्यास्त
- शाम 7:23
- चंद्रोदय
- रात 11:21
- चंद्रास्त
- सुबह 10:43
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:49 से सुबह 4:37 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:56 से दोपहर 12:52 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:43 से दोपहर 3:39 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 10:39 से दोपहर 12:24 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 3:53 से शाम 5:38 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 7:10 से सुबह 8:54 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जून 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
कवितावली
ब्रजभाषा · उनतालीस में से एक
तुलसीदास की दूसरी रामकथा, मानस से अलग। यह ब्रजभाषा में है, कवित्त और सवैयों में, और पूरी कथा क्रम से नहीं चलती, चुने हुए दृश्य ज़ोर से कहे जाते हैं। इसका सुंदरकांड लंका दहन को बहुत फैलाकर कहता है, लंका के लोगों की आँख से। एक ही कवि, और दो बिल्कुल अलग कथाएँ।