आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़
26 जून 2027 का पंचांग
शनिवार · आषाढ़ कृष्ण सप्तमी
26 जून 2027, शनिवार को आषाढ़ कृष्ण सप्तमी है, रात 9:52 तक; उसके बाद अष्टमी। नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद है, शाम 7:23 तक। सूर्योदय सुबह 5:25 और सूर्यास्त शाम 7:23। राहु काल सुबह 8:55 से सुबह 10:39 तक है। इस दिन कालाष्टमी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
26 जून 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आषाढ़ कृष्ण सप्तमीरात 9:52 तक, फिर अष्टमी
- नक्षत्र
- पूर्वा भाद्रपदशाम 7:23 तक, फिर उत्तरा भाद्रपद
- योग
- आयुष्मानदोपहर 12:25 तक, फिर सौभाग्य
- करण
- विष्टि (भद्रा)सुबह 9:10 तक
- वार
- शनिवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- आषाढ़ (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- कुंभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मिथुन
- सूर्योदय
- सुबह 5:25
- सूर्यास्त
- शाम 7:23
- चंद्रोदय
- रात 11:49
- चंद्रास्त
- सुबह 11:36
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:49 से सुबह 4:37 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:56 से दोपहर 12:52 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:44 से दोपहर 3:39 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 8:55 से सुबह 10:39 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 2:09 से दोपहर 3:53 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 5:25 से सुबह 7:10 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जून 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
यम ज़ातदो
बर्मी · उनतालीस में से एक
बर्मा की रामकथा, जिसका नाम यम ज़ातदो है, यानी राम की जातक कथा। बर्मा में यह कथा मंच की कथा है, और वहाँ के लोग इसे अपनी जातक कथाओं में गिनते हैं। लिखे हुए पाठ से ज़्यादा यह खेली जाने वाली कथा है।