पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़

24 जून 2027 का पंचांग

गुरुवार · आषाढ़ कृष्ण पंचमी

24 जून 2027, गुरुवार को आषाढ़ कृष्ण पंचमी है, शाम 6:10 तक; उसके बाद षष्ठी। नक्षत्र धनिष्ठा है, दोपहर 2:21 तक। सूर्योदय सुबह 5:25 और सूर्यास्त शाम 7:22। राहु काल दोपहर 2:08 से दोपहर 3:53 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: रथ यात्रा, 5 जुलाई 2027, सोमवार।

पंचांग

24 जून 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
आषाढ़ कृष्ण पंचमीशाम 6:10 तक, फिर षष्ठी
नक्षत्र
धनिष्ठादोपहर 2:21 तक, फिर शतभिषा
योग
विष्कंभसुबह 11:06 तक, फिर प्रीति
करण
तैतिलशाम 6:10 तक
वार
गुरुवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
आषाढ़ (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
कुंभसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मिथुन
सूर्योदय
सुबह 5:25
सूर्यास्त
शाम 7:22
चंद्रोदय
रात 10:53
चंद्रास्त
सुबह 9:50

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
रात 3:49 से सुबह 4:37 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:56 से दोपहर 12:51 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:43 से दोपहर 3:39 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 2:08 से दोपहर 3:53 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 5:25 से सुबह 7:09 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 8:54 से सुबह 10:39 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जून 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

भानुभक्त रामायण

नेपाली · उनतालीस में से एक

नेपाल की पहली बड़ी रामकथा, जिसे भानुभक्त आचार्य ने उन्नीसवीं सदी में नेपाली में रचा। उस समय धर्म की बात संस्कृत में ही लिखी जाती थी, और यही इसका सबसे बड़ा क़दम है, क्योंकि इससे कथा आम लोगों की ज़बान में आ गई। पहले यह ज़बानी फैली, और पूरी छपी 1887 में, कवि के जाने के बाद। नेपाल में उन्हें आदिकवि कहा जाता है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

24 जून 2027 को कौन सी तिथि है?

24 जून 2027, गुरुवार को आषाढ़ कृष्ण पंचमी है, शाम 6:10 तक। उसके बाद षष्ठी लगती है।

24 जून 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 24 जून 2027 को राहु काल दोपहर 2:08 से दोपहर 3:53 तक है। यमगंड सुबह 5:25 से सुबह 7:09 तक और गुलिक काल सुबह 8:54 से सुबह 10:39 तक है।

24 जून 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

धनिष्ठा नक्षत्र, दोपहर 2:21 तक, फिर शतभिषा।

24 जून 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

रथ यात्रा, 5 जुलाई 2027, सोमवार को।