आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़
23 जून 2027 का पंचांग
बुधवार · आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी
23 जून 2027, बुधवार को आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी है, दोपहर 3:43 तक; उसके बाद पंचमी। नक्षत्र श्रवण है, सुबह 11:18 तक। सूर्योदय सुबह 5:24 और सूर्यास्त शाम 7:22। राहु काल दोपहर 12:23 से दोपहर 2:08 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
23 जून 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आषाढ़ कृष्ण चतुर्थीदोपहर 3:43 तक, फिर पंचमी
- नक्षत्र
- श्रवणसुबह 11:18 तक, फिर धनिष्ठा
- योग
- वैधृतिसुबह 10:03 तक, फिर विष्कंभ
- करण
- बालवदोपहर 3:43 तक
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- आषाढ़ (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मकरसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मिथुन
- सूर्योदय
- सुबह 5:24
- सूर्यास्त
- शाम 7:22
- चंद्रोदय
- रात 10:24
- चंद्रास्त
- सुबह 8:56
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:48 से सुबह 4:36 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:55 से दोपहर 12:51 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:43 से दोपहर 3:39 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 12:23 से दोपहर 2:08 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 7:09 से सुबह 8:54 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 10:39 से दोपहर 12:23 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जून 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
गिरधर रामायण
गुजराती · उनतालीस में से एक
गुजराती की वह रामकथा जिसे गिरधर ने सन 1835 में पूरा किया। उन्होंने कथा मुख्य रूप से वाल्मीकि और हनुमन्नाटक से ली, और उसे सीधी सादी भाषा में लिखा। सबसे बड़ी बात इसका संगीत है: यह कई रागों और छंदों में बँधी है, जैसे धनाश्री, बिलावल, मारू, सोरठ और आसावरी, इसलिए इसे पढ़ा कम और गाया ज़्यादा जाता है।