आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़
22 जून 2027 का पंचांग
मंगलवार · आषाढ़ कृष्ण तृतीया
22 जून 2027, मंगलवार को आषाढ़ कृष्ण तृतीया है, दोपहर 1:08 तक; उसके बाद चतुर्थी। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, सुबह 8:09 तक। सूर्योदय सुबह 5:24 और सूर्यास्त शाम 7:22। राहु काल दोपहर 3:53 से शाम 5:37 तक है। इस दिन अंगारकी संकष्टी चतुर्थी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
22 जून 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आषाढ़ कृष्ण तृतीयादोपहर 1:08 तक, फिर चतुर्थी
- नक्षत्र
- उत्तराषाढ़ासुबह 8:09 तक, फिर श्रवण
- योग
- ऐंद्रसुबह 8:56 तक, फिर वैधृति
- करण
- विष्टि (भद्रा)दोपहर 1:08 तक
- वार
- मंगलवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- आषाढ़ (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मकरसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मिथुन
- सूर्योदय
- सुबह 5:24
- सूर्यास्त
- शाम 7:22
- चंद्रोदय
- रात 9:53
- चंद्रास्त
- सुबह 8:02
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:48 से सुबह 4:36 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:55 से दोपहर 12:51 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:43 से दोपहर 3:39 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 3:53 से शाम 5:37 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 8:54 से सुबह 10:38 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 12:23 से दोपहर 2:08 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जून 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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इस दिन की रामकथा
रामावतारचरित
कश्मीरी · उनतालीस में से एक
कश्मीरी की रामकथा, रामावतारचरित, जिसे प्रकाश राम ने उन्नीसवीं सदी में रचा। यहाँ सीता रावण और मंदोदरी की बेटी हैं, जिन्हें जन्म के बाद छोड़ दिया गया। रावण और लंका के बनने की कथा सुंदरकांड के भीतर आती है, और पूरी कथा में कश्मीर का खाना, कपड़े और रीति रिवाज भरे हैं।