पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़

21 जून 2027 का पंचांग

सोमवार · आषाढ़ कृष्ण द्वितीया

21 जून 2027, सोमवार को आषाढ़ कृष्ण द्वितीया है, सुबह 10:36 तक; उसके बाद तृतीया। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, 22 जून, सुबह 8:09 तक। सूर्योदय सुबह 5:24 और सूर्यास्त शाम 7:22। राहु काल सुबह 7:09 से सुबह 8:53 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: रथ यात्रा, 5 जुलाई 2027, सोमवार।

पंचांग

21 जून 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
आषाढ़ कृष्ण द्वितीयासुबह 10:36 तक, फिर तृतीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा22 जून, सुबह 8:09 तक, फिर श्रवण
योग
ब्रह्मसुबह 7:52 तक, फिर ऐंद्र
करण
गरसुबह 10:36 तक
वार
सोमवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
आषाढ़ (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
धनुसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मिथुन
सूर्योदय
सुबह 5:24
सूर्यास्त
शाम 7:22
चंद्रोदय
रात 9:18
चंद्रास्त
सुबह 7:06

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
रात 3:48 से सुबह 4:36 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:55 से दोपहर 12:51 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:43 से दोपहर 3:38 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 7:09 से सुबह 8:53 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 10:38 से दोपहर 12:23 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 2:08 से दोपहर 3:52 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जून 2027 का पूरा महीना

मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar

कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं

आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।

Google कैलेंडर में जोड़ें

  • मुफ़्त
  • कोई साइन अप नहीं
  • नाम, नंबर या ईमेल नहीं
  • जब चाहें हटा दें

दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल

इस दिन की रामकथा

जगमोहन रामायण

ओड़िया · उनतालीस में से एक

ओड़िया की रामकथा जिसे बलराम दास ने लगभग 1500 ईस्वी में रचा, और जिसे दांडी रामायण भी कहते हैं, उस छंद के नाम पर जिसमें यह लिखी है। ओड़िशा में यह घर घर की पोथी है, और इसमें राम जगन्नाथ से जोड़े जाते हैं। विलंका रामायण से यह अलग है: वह लंका के बाद की कथा है, यह पूरी रामकथा।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

21 जून 2027 को कौन सी तिथि है?

21 जून 2027, सोमवार को आषाढ़ कृष्ण द्वितीया है, सुबह 10:36 तक। उसके बाद तृतीया लगती है।

21 जून 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 21 जून 2027 को राहु काल सुबह 7:09 से सुबह 8:53 तक है। यमगंड सुबह 10:38 से दोपहर 12:23 तक और गुलिक काल दोपहर 2:08 से दोपहर 3:52 तक है।

21 जून 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, 22 जून, सुबह 8:09 तक, फिर श्रवण।

21 जून 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

रथ यात्रा, 5 जुलाई 2027, सोमवार को।