आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · आषाढ़
20 जून 2027 का पंचांग
रविवार · आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा
20 जून 2027, रविवार को आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदा है, सुबह 8:16 तक; उसके बाद द्वितीया। नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है, 21 जून, सुबह 5:04 तक। सूर्योदय सुबह 5:24 और सूर्यास्त शाम 7:22। राहु काल शाम 5:37 से शाम 7:22 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
20 जून 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- आषाढ़ कृष्ण प्रतिपदासुबह 8:16 तक, फिर द्वितीया
- नक्षत्र
- पूर्वाषाढ़ा21 जून, सुबह 5:04 तक, फिर उत्तराषाढ़ा
- योग
- शुक्लसुबह 6:58 तक, फिर ब्रह्म
- करण
- कौलवसुबह 8:16 तक
- वार
- रविवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- आषाढ़ (पूर्णिमांत)ज्येष्ठ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- धनुसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मिथुन
- सूर्योदय
- सुबह 5:24
- सूर्यास्त
- शाम 7:22
- चंद्रोदय
- रात 8:39
- चंद्रास्त
- सुबह 6:10
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:48 से सुबह 4:36 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:55 से दोपहर 12:51 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:42 से दोपहर 3:38 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- शाम 5:37 से शाम 7:22 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 12:23 से दोपहर 2:07 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 3:52 से शाम 5:37 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जून 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
मोल्ला रामायणम्
तेलुगु · उनतालीस में से एक
तेलुगु की वह रामकथा जिसे सोलहवीं सदी में मोल्ला ने रचा, एक कुम्हार की बेटी ने। उनके पीछे कोई बड़ा घराना नहीं था, और वे अपनी कविता को अपनी कमाई नहीं, देन मानती हैं। यह तेलुगु की पहली संक्षेप रामकथा मानी जाती है।