पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · ज्येष्ठ

31 मई 2027 का पंचांग

सोमवार · ज्येष्ठ कृष्ण दशमी

31 मई 2027, सोमवार को ज्येष्ठ कृष्ण दशमी है, सुबह 10:03 तक; उसके बाद एकादशी। नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद है, दोपहर 12:36 तक। सूर्योदय सुबह 5:24 और सूर्यास्त शाम 7:14। राहु काल सुबह 7:08 से सुबह 8:51 तक है। इस दिन हनुमान जयंती (तेलुगु) है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन के त्योहार और व्रत

पंचांग

31 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
ज्येष्ठ कृष्ण दशमीसुबह 10:03 तक, फिर एकादशी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपददोपहर 12:36 तक, फिर रेवती
योग
आयुष्मान1 जून, रात 2:09 तक, फिर सौभाग्य
करण
विष्टि (भद्रा)सुबह 10:03 तक
वार
सोमवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)वैशाख (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
मीनसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
वृषभ
सूर्योदय
सुबह 5:24
सूर्यास्त
शाम 7:14
चंद्रोदय
रात 1:49
चंद्रास्त
दोपहर 2:43

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
रात 3:48 से सुबह 4:36 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:51 से दोपहर 12:47 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:37 से दोपहर 3:32 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 7:08 से सुबह 8:51 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 10:35 से दोपहर 12:19 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 2:03 से दोपहर 3:46 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

भावार्थ रामायण

मराठी, ओवी छंद · उनतालीस में से एक

मराठी की सबसे बड़ी रामकथा, वारकरी परंपरा की, लगभग चालीस हज़ार ओवियों में। इसका सुंदरकांड बयालीस अध्यायों का है, और इसमें रावण के दरबार में देवता नौकर बने दिखते हैं, इसलिए यहाँ लड़ाई देवताओं को छुड़ाने की भी है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

31 मई 2027 को कौन सी तिथि है?

31 मई 2027, सोमवार को ज्येष्ठ कृष्ण दशमी है, सुबह 10:03 तक। उसके बाद एकादशी लगती है।

31 मई 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 31 मई 2027 को राहु काल सुबह 7:08 से सुबह 8:51 तक है। यमगंड सुबह 10:35 से दोपहर 12:19 तक और गुलिक काल दोपहर 2:03 से दोपहर 3:46 तक है।

31 मई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र, दोपहर 12:36 तक, फिर रेवती।

31 मई 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

31 मई 2027 को हनुमान जयंती है।