आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · ज्येष्ठ
1 जून 2027 का पंचांग
मंगलवार · ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी
1 जून 2027, मंगलवार को ज्येष्ठ कृष्ण एकादशी है, सुबह 9:40 तक; उसके बाद द्वादशी। नक्षत्र रेवती है, दोपहर 12:50 तक। सूर्योदय सुबह 5:24 और सूर्यास्त शाम 7:14। राहु काल दोपहर 3:47 से शाम 5:30 तक है। इस दिन अपरा एकादशी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
1 जून 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- ज्येष्ठ कृष्ण एकादशीसुबह 9:40 तक, फिर द्वादशी
- नक्षत्र
- रेवतीदोपहर 12:50 तक, फिर अश्विनी
- योग
- सौभाग्य2 जून, रात 12:23 तक, फिर शोभन
- करण
- बालवसुबह 9:40 तक
- वार
- मंगलवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)वैशाख (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मीनसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- वृषभ
- सूर्योदय
- सुबह 5:24
- सूर्यास्त
- शाम 7:14
- चंद्रोदय
- रात 2:21
- चंद्रास्त
- दोपहर 3:43
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:48 से सुबह 4:36 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:51 से दोपहर 12:47 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:37 से दोपहर 3:33 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 3:47 से शाम 5:30 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 8:51 से सुबह 10:35 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 12:19 से दोपहर 2:03 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जून 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
अध्यात्म रामायण किलिप्पाट्टु
मलयालम · उनतालीस में से एक
मलयालम की वह कथा जिसे सुनाने वाला कोई आदमी नहीं, एक तोता है। इसका सुंदरकांडम् अकेला कांड है जो कलकांचि छंद में है, और लंका के द्वार पर रोकने वाली का नाम यहाँ लंकालक्ष्मी है, जिसके हिस्से का नाम ही है उसकी मुक्ति।