आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · ज्येष्ठ
26 मई 2027 का पंचांग
बुधवार · ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी
26 मई 2027, बुधवार को ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी है, 27 मई, सुबह 4:05 तक; उसके बाद सप्तमी। नक्षत्र श्रवण है, 27 मई, सुबह 4:20 तक। सूर्योदय सुबह 5:26 और सूर्यास्त शाम 7:11। राहु काल दोपहर 12:18 से दोपहर 2:01 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
26 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी27 मई, सुबह 4:05 तक, फिर सप्तमी
- नक्षत्र
- श्रवण27 मई, सुबह 4:20 तक, फिर धनिष्ठा
- योग
- ब्रह्म27 मई, रात 2:02 तक, फिर ऐंद्र
- करण
- गरदोपहर 2:49 तक
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)वैशाख (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मकरसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- वृषभ
- सूर्योदय
- सुबह 5:26
- सूर्यास्त
- शाम 7:11
- चंद्रोदय
- रात 11:53
- चंद्रास्त
- सुबह 10:09
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:50 से सुबह 4:38 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:51 से दोपहर 12:46 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:36 से दोपहर 3:31 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 12:18 से दोपहर 2:01 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 7:09 से सुबह 8:52 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 10:35 से दोपहर 12:18 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
महाभारत, रामोपाख्यान
संस्कृत · उनतालीस में से एक
महाभारत के वन पर्व में आई छोटी रामकथा, जिसे मार्कंडेय ऋषि युधिष्ठिर को सुनाते हैं। पूरी कथा सात सौ चार श्लोकों में आ जाती है।