पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · ज्येष्ठ

27 मई 2027 का पंचांग

गुरुवार · ज्येष्ठ कृष्ण सप्तमी

27 मई 2027, गुरुवार को ज्येष्ठ कृष्ण सप्तमी है, 28 मई, सुबह 6:27 तक; उसके बाद अष्टमी। नक्षत्र धनिष्ठा है, 28 मई, सुबह 7:15 तक। सूर्योदय सुबह 5:25 और सूर्यास्त शाम 7:12। राहु काल दोपहर 2:02 से दोपहर 3:45 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: हनुमान जयंती, 31 मई 2027, सोमवार।

पंचांग

27 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
ज्येष्ठ कृष्ण सप्तमी28 मई, सुबह 6:27 तक, फिर अष्टमी
नक्षत्र
धनिष्ठा28 मई, सुबह 7:15 तक, फिर शतभिषा
योग
ऐंद्र28 मई, रात 2:58 तक, फिर वैधृति
करण
विष्टि (भद्रा)शाम 5:18 तक
वार
गुरुवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)वैशाख (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
मकरसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
वृषभ
सूर्योदय
सुबह 5:25
सूर्यास्त
शाम 7:12
चंद्रोदय
इस दिन नहीं
चंद्रास्त
सुबह 11:04

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
रात 3:49 से सुबह 4:37 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:51 से दोपहर 12:46 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:36 से दोपहर 3:31 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 2:02 से दोपहर 3:45 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 5:25 से सुबह 7:09 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 8:52 से सुबह 10:35 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना

मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar

कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं

आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।

Google कैलेंडर में जोड़ें

  • मुफ़्त
  • कोई साइन अप नहीं
  • नाम, नंबर या ईमेल नहीं
  • जब चाहें हटा दें

दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल

इस दिन की रामकथा

अद्भुत रामायण

संस्कृत · उनतालीस में से एक

शाक्त परंपरा की कथा, सत्ताईस सर्गों की, जिसमें सीता केंद्र में हैं। यहाँ सीता मंदोदरी से जन्मी बताई गई हैं। लंका के बाद पुष्कर द्वीप पर हज़ार सिर वाला एक और रावण खड़ा होता है; राम बेहोश हो जाते हैं, और उसे महाकाली बनकर सीता गिराती हैं।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

27 मई 2027 को कौन सी तिथि है?

27 मई 2027, गुरुवार को ज्येष्ठ कृष्ण सप्तमी है, 28 मई, सुबह 6:27 तक। उसके बाद अष्टमी लगती है।

27 मई 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 27 मई 2027 को राहु काल दोपहर 2:02 से दोपहर 3:45 तक है। यमगंड सुबह 5:25 से सुबह 7:09 तक और गुलिक काल सुबह 8:52 से सुबह 10:35 तक है।

27 मई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

धनिष्ठा नक्षत्र, 28 मई, सुबह 7:15 तक, फिर शतभिषा।

27 मई 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

हनुमान जयंती, 31 मई 2027, सोमवार को।