पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · ज्येष्ठ

25 मई 2027 का पंचांग

मंगलवार · ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी

25 मई 2027, मंगलवार को ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी है, 26 मई, रात 1:31 तक; उसके बाद षष्ठी। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, 26 मई, रात 1:13 तक। सूर्योदय सुबह 5:26 और सूर्यास्त शाम 7:10। राहु काल दोपहर 3:44 से शाम 5:27 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: हनुमान जयंती, 31 मई 2027, सोमवार।

पंचांग

25 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी26 मई, रात 1:31 तक, फिर षष्ठी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा26 मई, रात 1:13 तक, फिर श्रवण
योग
शुक्ल26 मई, रात 12:57 तक, फिर ब्रह्म
करण
कौलवदोपहर 12:14 तक
वार
मंगलवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)वैशाख (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
मकरसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
वृषभ
सूर्योदय
सुबह 5:26
सूर्यास्त
शाम 7:10
चंद्रोदय
रात 11:19
चंद्रास्त
सुबह 9:14

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
रात 3:50 से सुबह 4:38 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:51 से दोपहर 12:46 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:36 से दोपहर 3:31 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 3:44 से शाम 5:27 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 8:52 से सुबह 10:35 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 12:18 से दोपहर 2:01 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

कूर्म पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण

संस्कृत · उनतालीस में से एक

छाया वाली सीता की कथा का पुराना स्रोत। रावण के आने पर अग्नि असली सीता को अपने पास रख लेते हैं, और रावण उनकी छाया ले जाता है। ब्रह्मवैवर्त पुराण में यही छाया आगे वेदवती से जुड़ती है। यह विचार अध्यात्म रामायण और मानस तक पहुँचा।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

25 मई 2027 को कौन सी तिथि है?

25 मई 2027, मंगलवार को ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी है, 26 मई, रात 1:31 तक। उसके बाद षष्ठी लगती है।

25 मई 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 25 मई 2027 को राहु काल दोपहर 3:44 से शाम 5:27 तक है। यमगंड सुबह 8:52 से सुबह 10:35 तक और गुलिक काल दोपहर 12:18 से दोपहर 2:01 तक है।

25 मई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, 26 मई, रात 1:13 तक, फिर श्रवण।

25 मई 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

हनुमान जयंती, 31 मई 2027, सोमवार को।