पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · ज्येष्ठ

22 मई 2027 का पंचांग

शनिवार · ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया

22 मई 2027, शनिवार को ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया है, शाम 6:49 तक; उसके बाद तृतीया। नक्षत्र ज्येष्ठा है, शाम 4:51 तक। सूर्योदय सुबह 5:27 और सूर्यास्त शाम 7:09। राहु काल सुबह 8:53 से सुबह 10:35 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: हनुमान जयंती, 31 मई 2027, सोमवार।

पंचांग

22 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीयाशाम 6:49 तक, फिर तृतीया
नक्षत्र
ज्येष्ठाशाम 4:51 तक, फिर मूल
योग
सिद्धरात 10:28 तक, फिर साध्य
करण
तैतिलसुबह 6:02 तक
वार
शनिवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)वैशाख (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
वृश्चिकसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
वृषभ
सूर्योदय
सुबह 5:27
सूर्यास्त
शाम 7:09
चंद्रोदय
रात 9:10
चंद्रास्त
सुबह 6:28

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
रात 3:51 से सुबह 4:39 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:51 से दोपहर 12:45 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:35 से दोपहर 3:30 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 8:53 से सुबह 10:35 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 2:01 से दोपहर 3:43 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 5:27 से सुबह 7:10 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना

मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar

कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं

आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।

Google कैलेंडर में जोड़ें

  • मुफ़्त
  • कोई साइन अप नहीं
  • नाम, नंबर या ईमेल नहीं
  • जब चाहें हटा दें

दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल

इस दिन की रामकथा

रामकियेन

थाई · उनतालीस में से एक

थाईलैंड की राष्ट्रीय रामकथा, जिसे आज के रूप में अठारहवीं सदी में राजा राम प्रथम के दरबार ने पूरा किया। नाम बदल जाते हैं: राम यहाँ फ्रा राम हैं, सीता नांग सीदा, रावण थोतसकान, और विभीषण फिपेक। हनुमान यहाँ सफ़ेद वानर हैं और ब्रह्मचारी नहीं। यह कथा पढ़ी कम, नाची और खेली ज़्यादा जाती है, खोन नृत्य और छाया नाटक में।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

22 मई 2027 को कौन सी तिथि है?

22 मई 2027, शनिवार को ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया है, शाम 6:49 तक। उसके बाद तृतीया लगती है।

22 मई 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 22 मई 2027 को राहु काल सुबह 8:53 से सुबह 10:35 तक है। यमगंड दोपहर 2:01 से दोपहर 3:43 तक और गुलिक काल सुबह 5:27 से सुबह 7:10 तक है।

22 मई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

ज्येष्ठा नक्षत्र, शाम 4:51 तक, फिर मूल।

22 मई 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

हनुमान जयंती, 31 मई 2027, सोमवार को।