पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · ज्येष्ठ

23 मई 2027 का पंचांग

रविवार · ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया

23 मई 2027, रविवार को ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया है, रात 8:42 तक; उसके बाद चतुर्थी। नक्षत्र मूल है, शाम 7:18 तक। सूर्योदय सुबह 5:27 और सूर्यास्त शाम 7:09। राहु काल शाम 5:27 से शाम 7:09 तक है। इस दिन संकष्टी चतुर्थी है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन के त्योहार और व्रत

पंचांग

23 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
ज्येष्ठ कृष्ण तृतीयारात 8:42 तक, फिर चतुर्थी
नक्षत्र
मूलशाम 7:18 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा
योग
साध्यरात 11:02 तक, फिर शुभ
करण
वणिजसुबह 7:42 तक
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
ज्येष्ठ (पूर्णिमांत)वैशाख (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
धनुसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
वृषभ
सूर्योदय
सुबह 5:27
सूर्यास्त
शाम 7:09
चंद्रोदय
रात 9:59
चंद्रास्त
सुबह 7:22

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
रात 3:51 से सुबह 4:39 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:51 से दोपहर 12:45 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:35 से दोपहर 3:30 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
शाम 5:27 से शाम 7:09 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 12:18 से दोपहर 2:01 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 3:44 से शाम 5:27 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

कंब रामायण

तमिल · उनतालीस में से एक

तमिल की सबसे बड़ी रामकथा, जिसे कंबन ने रचा। इसमें हर हिस्से का अपना अध्याय है, जैसे नगर ढूँढने का अध्याय और लौटकर चरणों में सिर रखने का अध्याय। कंबन ब्योरे में नहीं, दृश्य में जाते हैं, इसलिए उनकी लंका देखी हुई लगती है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

23 मई 2027 को कौन सी तिथि है?

23 मई 2027, रविवार को ज्येष्ठ कृष्ण तृतीया है, रात 8:42 तक। उसके बाद चतुर्थी लगती है।

23 मई 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 23 मई 2027 को राहु काल शाम 5:27 से शाम 7:09 तक है। यमगंड दोपहर 12:18 से दोपहर 2:01 तक और गुलिक काल दोपहर 3:44 से शाम 5:27 तक है।

23 मई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

मूल नक्षत्र, शाम 7:18 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा।

23 मई 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

23 मई 2027 को संकष्टी चतुर्थी है।