आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · वैशाख
16 मई 2027 का पंचांग
रविवार · वैशाख शुक्ल एकादशी
16 मई 2027, रविवार को वैशाख शुक्ल एकादशी है, शाम 5:14 तक; उसके बाद द्वादशी। नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है, सुबह 11:36 तक। सूर्योदय सुबह 5:30 और सूर्यास्त शाम 7:05। राहु काल शाम 5:23 से शाम 7:05 तक है। इस दिन मोहिनी एकादशी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
16 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- वैशाख शुक्ल एकादशीशाम 5:14 तक, फिर द्वादशी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीसुबह 11:36 तक, फिर हस्त
- योग
- वज्र17 मई, रात 2:43 तक, फिर सिद्धि
- करण
- वणिजसुबह 5:44 तक
- वार
- रविवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- वैशाख (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- कन्यासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- वृषभ
- सूर्योदय
- सुबह 5:30
- सूर्यास्त
- शाम 7:05
- चंद्रोदय
- दोपहर 3:17
- चंद्रास्त
- रात 2:32
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:54 से सुबह 4:42 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:51 से दोपहर 12:45 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:34 से दोपहर 3:28 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- शाम 5:23 से शाम 7:05 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 12:18 से दोपहर 2:00 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 3:41 से शाम 5:23 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
भानुभक्त रामायण
नेपाली · उनतालीस में से एक
नेपाल की पहली बड़ी रामकथा, जिसे भानुभक्त आचार्य ने उन्नीसवीं सदी में नेपाली में रचा। उस समय धर्म की बात संस्कृत में ही लिखी जाती थी, और यही इसका सबसे बड़ा क़दम है, क्योंकि इससे कथा आम लोगों की ज़बान में आ गई। पहले यह ज़बानी फैली, और पूरी छपी 1887 में, कवि के जाने के बाद। नेपाल में उन्हें आदिकवि कहा जाता है।