आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · वैशाख
15 मई 2027 का पंचांग
शनिवार · वैशाख शुक्ल दशमी
15 मई 2027, शनिवार को वैशाख शुक्ल दशमी है, शाम 6:18 तक; उसके बाद एकादशी। नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है, दोपहर 12:00 तक। सूर्योदय सुबह 5:31 और सूर्यास्त शाम 7:05। राहु काल सुबह 8:54 से सुबह 10:36 तक है। इस दिन वृषभ संक्रांति है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
15 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- वैशाख शुक्ल दशमीशाम 6:18 तक, फिर एकादशी
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीदोपहर 12:00 तक, फिर उत्तरा फाल्गुनी
- योग
- व्याघातसुबह 6:34 तक, फिर हर्षण
- करण
- तैतिलसुबह 6:57 तक
- वार
- शनिवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- वैशाख (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- सिंहसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मेष
- सूर्योदय
- सुबह 5:31
- सूर्यास्त
- शाम 7:05
- चंद्रोदय
- दोपहर 2:16
- चंद्रास्त
- रात 2:00
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:55 से सुबह 4:43 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:51 से दोपहर 12:45 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:33 से दोपहर 3:28 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 8:54 से सुबह 10:36 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 1:59 से दोपहर 3:41 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 5:31 से सुबह 7:13 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
गिरधर रामायण
गुजराती · उनतालीस में से एक
गुजराती की वह रामकथा जिसे गिरधर ने सन 1835 में पूरा किया। उन्होंने कथा मुख्य रूप से वाल्मीकि और हनुमन्नाटक से ली, और उसे सीधी सादी भाषा में लिखा। सबसे बड़ी बात इसका संगीत है: यह कई रागों और छंदों में बँधी है, जैसे धनाश्री, बिलावल, मारू, सोरठ और आसावरी, इसलिए इसे पढ़ा कम और गाया ज़्यादा जाता है।