पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · वैशाख

14 मई 2027 का पंचांग

शुक्रवार · वैशाख शुक्ल नवमी

14 मई 2027, शुक्रवार को वैशाख शुक्ल नवमी है, रात 7:40 तक; उसके बाद दशमी। नक्षत्र मघा है, दोपहर 12:42 तक। सूर्योदय सुबह 5:31 और सूर्यास्त शाम 7:04। राहु काल सुबह 10:36 से दोपहर 12:18 तक है। इस दिन सीता नवमी है। समय नई दिल्ली के हैं।

पंचांग

14 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
वैशाख शुक्ल नवमीरात 7:40 तक, फिर दशमी
नक्षत्र
मघादोपहर 12:42 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी
योग
ध्रुवसुबह 8:50 तक, फिर व्याघात
करण
बालवसुबह 8:27 तक
वार
शुक्रवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
वैशाख (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
सिंहसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मेष
सूर्योदय
सुबह 5:31
सूर्यास्त
शाम 7:04
चंद्रोदय
दोपहर 1:15
चंद्रास्त
रात 1:27

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
रात 3:55 से सुबह 4:43 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:51 से दोपहर 12:45 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:33 से दोपहर 3:27 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 10:36 से दोपहर 12:18 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 3:41 से शाम 5:22 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 7:13 से सुबह 8:55 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

रामावतारचरित

कश्मीरी · उनतालीस में से एक

कश्मीरी की रामकथा, रामावतारचरित, जिसे प्रकाश राम ने उन्नीसवीं सदी में रचा। यहाँ सीता रावण और मंदोदरी की बेटी हैं, जिन्हें जन्म के बाद छोड़ दिया गया। रावण और लंका के बनने की कथा सुंदरकांड के भीतर आती है, और पूरी कथा में कश्मीर का खाना, कपड़े और रीति रिवाज भरे हैं।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

14 मई 2027 को कौन सी तिथि है?

14 मई 2027, शुक्रवार को वैशाख शुक्ल नवमी है, रात 7:40 तक। उसके बाद दशमी लगती है।

14 मई 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 14 मई 2027 को राहु काल सुबह 10:36 से दोपहर 12:18 तक है। यमगंड दोपहर 3:41 से शाम 5:22 तक और गुलिक काल सुबह 7:13 से सुबह 8:55 तक है।

14 मई 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

मघा नक्षत्र, दोपहर 12:42 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी।

14 मई 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

14 मई 2027 को सीता नवमी · जानकी जयंती है।