आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · वैशाख
11 मई 2027 का पंचांग
मंगलवार · वैशाख शुक्ल षष्ठी
11 मई 2027, मंगलवार को वैशाख शुक्ल षष्ठी है, 12 मई, रात 1:24 तक; उसके बाद सप्तमी। नक्षत्र पुनर्वसु है, शाम 4:26 तक। सूर्योदय सुबह 5:33 और सूर्यास्त शाम 7:02। राहु काल दोपहर 3:40 से शाम 5:21 तक है। इस दिन स्कंद षष्ठी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
11 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- वैशाख शुक्ल षष्ठी12 मई, रात 1:24 तक, फिर सप्तमी
- नक्षत्र
- पुनर्वसुशाम 4:26 तक, फिर पुष्य
- योग
- शूलशाम 5:00 तक, फिर गंड
- करण
- कौलवदोपहर 2:35 तक
- वार
- मंगलवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- वैशाख (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मिथुनसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मेष
- सूर्योदय
- सुबह 5:33
- सूर्यास्त
- शाम 7:02
- चंद्रोदय
- सुबह 9:57
- चंद्रास्त
- इस दिन नहीं
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:57 से सुबह 4:45 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:51 से दोपहर 12:45 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:33 से दोपहर 3:26 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 3:40 से शाम 5:21 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 8:56 से सुबह 10:37 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 12:18 से दोपहर 1:59 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
हिकायत सेरी राम
मलय · उनतालीस में से एक
मलय में लिखी रामकथा, हिकायत सेरी राम। हिकायत यानी सुनाई जाने वाली कहानी, इसलिए यह गद्य में है। यहाँ हनुमान सेरी राम के अपने बेटे हैं, और सीता सिति देवी। इसकी सबसे पुरानी पोथी 1633 से पहले की है, और केलंतान के छाया नाटक में इसके प्रसंग आज भी खेले जाते हैं।