आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · वैशाख
12 मई 2027 का पंचांग
बुधवार · वैशाख शुक्ल सप्तमी
12 मई 2027, बुधवार को वैशाख शुक्ल सप्तमी है, रात 11:13 तक; उसके बाद अष्टमी। नक्षत्र पुष्य है, दोपहर 2:56 तक। सूर्योदय सुबह 5:33 और सूर्यास्त शाम 7:03। राहु काल दोपहर 12:18 से दोपहर 1:59 तक है। इस दिन गंगा सप्तमी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
12 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- वैशाख शुक्ल सप्तमीरात 11:13 तक, फिर अष्टमी
- नक्षत्र
- पुष्यदोपहर 2:56 तक, फिर आश्लेषा
- योग
- गंडदोपहर 2:04 तक, फिर वृद्धि
- करण
- गरदोपहर 12:17 तक
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- वैशाख (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- कर्कसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मेष
- सूर्योदय
- सुबह 5:33
- सूर्यास्त
- शाम 7:03
- चंद्रोदय
- सुबह 11:05
- चंद्रास्त
- रात 12:10
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:57 से सुबह 4:45 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:51 से दोपहर 12:45 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:33 से दोपहर 3:27 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 12:18 से दोपहर 1:59 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 7:14 से सुबह 8:55 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 10:36 से दोपहर 12:18 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
मोल्ला रामायणम्
तेलुगु · उनतालीस में से एक
तेलुगु की वह रामकथा जिसे सोलहवीं सदी में मोल्ला ने रचा, एक कुम्हार की बेटी ने। उनके पीछे कोई बड़ा घराना नहीं था, और वे अपनी कविता को अपनी कमाई नहीं, देन मानती हैं। यह तेलुगु की पहली संक्षेप रामकथा मानी जाती है।
