आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · वैशाख
9 मई 2027 का पंचांग
रविवार · वैशाख शुक्ल तृतीया
9 मई 2027, रविवार को वैशाख शुक्ल तृतीया है, सुबह 9:04 तक; उसके बाद चतुर्थी। नक्षत्र मृगशिरा है, रात 8:00 तक। सूर्योदय सुबह 5:35 और सूर्यास्त शाम 7:01। राहु काल शाम 5:20 से शाम 7:01 तक है। इस दिन अक्षय तृतीया, विनायक चतुर्थी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
9 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- वैशाख शुक्ल तृतीयासुबह 9:04 तक, फिर चतुर्थी
- नक्षत्र
- मृगशिरारात 8:00 तक, फिर आर्द्रा
- योग
- सुकर्मारात 11:20 तक, फिर धृति
- करण
- गरसुबह 9:04 तक
- वार
- रविवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- वैशाख (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- वृषभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मेष
- सूर्योदय
- सुबह 5:35
- सूर्यास्त
- शाम 7:01
- चंद्रोदय
- सुबह 7:41
- चंद्रास्त
- रात 10:26
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- रात 3:59 से सुबह 4:47 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:51 से दोपहर 12:45 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:32 से दोपहर 3:26 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- शाम 5:20 से शाम 7:01 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 12:18 से दोपहर 1:59 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 3:39 से शाम 5:20 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
रामचंद्र चरित पुराण
कन्नड़ · उनतालीस में से एक
कन्नड़ की सबसे पुरानी बची हुई रामकथा, जैन परंपरा की, जिसे नागचंद्र ने लगभग 1100 ईस्वी में रचा। नागचंद्र को अभिनव पंप यानी नए पंप कहा गया, इसलिए इसे पंप रामायण भी कहते हैं। यहाँ रावण को लक्ष्मण मारते हैं, और रावण एक दुखी नायक है।
