आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · वैशाख
5 मई 2027 का पंचांग
बुधवार · वैशाख कृष्ण चतुर्दशी
5 मई 2027, बुधवार को वैशाख कृष्ण चतुर्दशी है, शाम 6:17 तक; उसके बाद अमावस्या। नक्षत्र अश्विनी है, 6 मई, रात 2:32 तक। सूर्योदय सुबह 5:38 और सूर्यास्त शाम 6:59। राहु काल दोपहर 12:18 से दोपहर 1:58 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
5 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- वैशाख कृष्ण चतुर्दशीशाम 6:17 तक, फिर अमावस्या
- नक्षत्र
- अश्विनी6 मई, रात 2:32 तक, फिर भरणी
- योग
- प्रीतिदोपहर 2:15 तक, फिर आयुष्मान
- करण
- विष्टि (भद्रा)सुबह 6:59 तक
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- वैशाख (पूर्णिमांत)चैत्र (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मेषसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मेष
- सूर्योदय
- सुबह 5:38
- सूर्यास्त
- शाम 6:59
- चंद्रोदय
- सुबह 4:25
- चंद्रास्त
- शाम 6:01
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:02 से सुबह 4:50 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:51 से दोपहर 12:45 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:32 से दोपहर 3:25 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 12:18 से दोपहर 1:58 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 7:18 से सुबह 8:58 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 10:38 से दोपहर 12:18 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
महारादिया लावाना
मरानाओ · उनतालीस में से एक
फ़िलीपींस के मरानाओ लोगों की रामकथा, महारादिया लावाना। यह गद्य की लोक कथा है, गाई नहीं जाती। हनुमान वाला काम यहाँ लक्षमाना करते हैं, जो एक वानर हैं और राम जैसे राजा के बेटे। लंका एक द्वीप बन जाती है, और उसका जलना इस कथा में नहीं आता।