आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · वैशाख
6 मई 2027 का पंचांग
गुरुवार · वैशाख अमावस्या
6 मई 2027, गुरुवार को वैशाख अमावस्या है, शाम 4:29 तक; उसके बाद प्रतिपदा। नक्षत्र भरणी है, 7 मई, रात 1:18 तक। सूर्योदय सुबह 5:37 और सूर्यास्त शाम 6:59। राहु काल दोपहर 1:58 से दोपहर 3:39 तक है। इस दिन वैशाख अमावस्या है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
6 मई 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- वैशाख अमावस्याशाम 4:29 तक, फिर प्रतिपदा
- नक्षत्र
- भरणी7 मई, रात 1:18 तक, फिर कृत्तिका
- योग
- आयुष्मानसुबह 11:47 तक, फिर सौभाग्य
- करण
- नागशाम 4:29 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- वैशाख (पूर्णिमांत)चैत्र (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मेषसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मेष
- सूर्योदय
- सुबह 5:37
- सूर्यास्त
- शाम 6:59
- चंद्रोदय
- सुबह 5:04
- चंद्रास्त
- शाम 7:07
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:01 से सुबह 4:49 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:51 से दोपहर 12:45 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:32 से दोपहर 3:25 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 1:58 से दोपहर 3:39 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 5:37 से सुबह 7:17 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 8:57 से सुबह 10:38 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मई 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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इस दिन की रामकथा
तिब्बती रामकथा
तिब्बती · उनतालीस में से एक
तिब्बती में मिली रामकथा, जिसके पन्ने दुनहुआंग की उन गुफाओं से मिले जहाँ सदियों तक पुरानी पोथियाँ बंद पड़ी रहीं। यानी यह कथा रेशम वाले रास्ते पर चलते चलते हिमालय के उस पार तक जा पहुँची।