आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · वैशाख
24 अप्रैल 2027 का पंचांग
शनिवार · वैशाख कृष्ण चतुर्थी
24 अप्रैल 2027, शनिवार को वैशाख कृष्ण चतुर्थी है, 25 अप्रैल, सुबह 5:42 तक; उसके बाद पंचमी। नक्षत्र अनुराधा है, सुबह 6:57 तक। सूर्योदय सुबह 5:47 और सूर्यास्त शाम 6:52। राहु काल सुबह 9:03 से सुबह 10:42 तक है। इस दिन संकष्टी चतुर्थी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
24 अप्रैल 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- वैशाख कृष्ण चतुर्थी25 अप्रैल, सुबह 5:42 तक, फिर पंचमी
- नक्षत्र
- अनुराधासुबह 6:57 तक, फिर ज्येष्ठा
- योग
- वरीयानदोपहर 1:58 तक, फिर परिघ
- करण
- बवशाम 4:57 तक
- वार
- शनिवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- वैशाख (पूर्णिमांत)चैत्र (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- वृश्चिकसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मेष
- सूर्योदय
- सुबह 5:47
- सूर्यास्त
- शाम 6:52
- चंद्रोदय
- रात 10:27
- चंद्रास्त
- सुबह 7:46
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:11 से सुबह 4:59 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:53 से दोपहर 12:46 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:30 से दोपहर 3:23 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 9:03 से सुबह 10:42 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 1:58 से दोपहर 3:36 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 5:47 से सुबह 7:25 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अप्रैल 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
सप्तकांड रामायण
असमिया · उनतालीस में से एक
असमिया की पहली बड़ी रामकथा, माधव कंदली की, जो चौदहवीं सदी में लिखी गई। कवि ने ख़ुद कहा है कि उन्होंने लंबी बातें छोड़कर सार लिया, ताकि आम लोग समझ सकें। यहाँ राम और सीता अपनी कमज़ोरियों के साथ इंसान हैं।