पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · वैशाख

25 अप्रैल 2027 का पंचांग

रविवार · वैशाख कृष्ण पंचमी

25 अप्रैल 2027, रविवार को वैशाख कृष्ण पंचमी है, 26 अप्रैल, सुबह 7:37 तक; उसके बाद षष्ठी। नक्षत्र ज्येष्ठा है, सुबह 8:58 तक। सूर्योदय सुबह 5:46 और सूर्यास्त शाम 6:53। राहु काल शाम 5:14 से शाम 6:53 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: अक्षय तृतीया, 9 मई 2027, रविवार।

पंचांग

25 अप्रैल 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
वैशाख कृष्ण पंचमी26 अप्रैल, सुबह 7:37 तक, फिर षष्ठी
नक्षत्र
ज्येष्ठासुबह 8:58 तक, फिर मूल
योग
परिघदोपहर 2:11 तक, फिर शिव
करण
कौलवशाम 6:36 तक
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
वैशाख (पूर्णिमांत)चैत्र (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
वृश्चिकसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मेष
सूर्योदय
सुबह 5:46
सूर्यास्त
शाम 6:53
चंद्रोदय
रात 11:19
चंद्रास्त
सुबह 8:37

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:10 से सुबह 4:58 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:53 से दोपहर 12:46 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:30 से दोपहर 3:23 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
शाम 5:14 से शाम 6:53 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 12:19 से दोपहर 1:58 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 3:36 से शाम 5:14 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अप्रैल 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

विलंका रामायण

ओड़िया · उनतालीस में से एक

ओड़िया की वह कथा जो लंका के बाद शुरू होती है। पाताल में एक दूसरी लंका, विलंका, और वहाँ हज़ार सिर वाला रावण। यह कथा संस्कृत की अद्भुत रामायण से मिलती है, जहाँ भी अंत सीता के हाथ होता है। यही इस खेल की चौथी रात है।

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सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

25 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?

25 अप्रैल 2027, रविवार को वैशाख कृष्ण पंचमी है, 26 अप्रैल, सुबह 7:37 तक। उसके बाद षष्ठी लगती है।

25 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 25 अप्रैल 2027 को राहु काल शाम 5:14 से शाम 6:53 तक है। यमगंड दोपहर 12:19 से दोपहर 1:58 तक और गुलिक काल दोपहर 3:36 से शाम 5:14 तक है।

25 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

ज्येष्ठा नक्षत्र, सुबह 8:58 तक, फिर मूल।

25 अप्रैल 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

अक्षय तृतीया, 9 मई 2027, रविवार को।