पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · वैशाख

23 अप्रैल 2027 का पंचांग

शुक्रवार · वैशाख कृष्ण तृतीया

23 अप्रैल 2027, शुक्रवार को वैशाख कृष्ण तृतीया है, 24 अप्रैल, सुबह 4:21 तक; उसके बाद चतुर्थी। नक्षत्र अनुराधा है, 24 अप्रैल, सुबह 6:57 तक। सूर्योदय सुबह 5:48 और सूर्यास्त शाम 6:51। राहु काल सुबह 10:42 से दोपहर 12:20 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: अक्षय तृतीया, 9 मई 2027, रविवार।

पंचांग

23 अप्रैल 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
वैशाख कृष्ण तृतीया24 अप्रैल, सुबह 4:21 तक, फिर चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा24 अप्रैल, सुबह 6:57 तक, फिर ज्येष्ठा
योग
व्यतीपातदोपहर 2:13 तक, फिर वरीयान
करण
वणिजदोपहर 3:55 तक
वार
शुक्रवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
वैशाख (पूर्णिमांत)चैत्र (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
वृश्चिकसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मेष
सूर्योदय
सुबह 5:48
सूर्यास्त
शाम 6:51
चंद्रोदय
रात 9:30
चंद्रास्त
सुबह 6:59

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:12 से सुबह 5:00 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:54 से दोपहर 12:46 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:30 से दोपहर 3:23 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 10:42 से दोपहर 12:20 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 3:36 से शाम 5:13 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 7:26 से सुबह 9:04 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अप्रैल 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

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सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

23 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?

23 अप्रैल 2027, शुक्रवार को वैशाख कृष्ण तृतीया है, 24 अप्रैल, सुबह 4:21 तक। उसके बाद चतुर्थी लगती है।

23 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 23 अप्रैल 2027 को राहु काल सुबह 10:42 से दोपहर 12:20 तक है। यमगंड दोपहर 3:36 से शाम 5:13 तक और गुलिक काल सुबह 7:26 से सुबह 9:04 तक है।

23 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

अनुराधा नक्षत्र, 24 अप्रैल, सुबह 6:57 तक, फिर ज्येष्ठा।

23 अप्रैल 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

अक्षय तृतीया, 9 मई 2027, रविवार को।