पंचांग 2027

सुंदरकांड, 39 रामकथाओं में · भारत में

सप्तकांड रामायण

Saptakanda Ramayana

  • भाषा असमिया
  • किसकी माधव कंदली; आदि कांड बाद में माधवदेव का, उत्तर कांड शंकरदेव का
  • कब चौदहवीं सदी, राजा महामाणिक्य के कहने पर
  • कहाँ असम

यह कथा

असमिया की पहली बड़ी रामकथा, माधव कंदली की, जो चौदहवीं सदी में लिखी गई। कवि ने ख़ुद कहा है कि उन्होंने लंबी बातें छोड़कर सार लिया, ताकि आम लोग समझ सकें। यहाँ राम और सीता अपनी कमज़ोरियों के साथ इंसान हैं।

एक नज़र में

सप्तकांड रामायण, अपनी लिपि में

সপ্তকাণ্ড ৰামায়ণ

लिपि
असमिया लिपि
रूप
असमिया पद्य, पद छंद में; कंदली के पाँच कांड बचे, आदि कांड माधवदेव का और उत्तर कांड शंकरदेव का
समय
चौदहवीं सदी

इस कथा की लंका

  • कवि ख़ुद कहते हैं कि उन्होंने शब्द दर शब्द अनुवाद नहीं किया, लंबे वर्णन छोड़ दिए ताकि आम लोग समझ सकें।
  • राम और सीता यहाँ अपनी कमज़ोरियों के साथ इंसान हैं, जो बाद के कुछ कवियों को खटका।
  • भारत की किसी नई भाषा की सबसे पुरानी रामायणों में।

आज: असमिया साहित्य की नींव मानी जाती है।

स्रोत:

  1. en.wikipedia.org
  2. en.wikipedia.org, 2
  3. ojs.mbu.ac.th

सुंदरकांड के पल, इस कथा में

खेल में लंका की किसी जगह पर पहुँचकर वही पल दूसरी रामकथाओं में भी पढ़ा जा सकता है। यह कथा उन पलों को ऐसे कहती है।

पानी के नीचे के जीव

पहली रात: खोज

मुँह खुलता है, वे भीतर जाते हैं, और उतने ही पल में बाहर भी आ जाते हैं।

न लंबी बहस, न लंबा खेल, बस एक झटके में काम निपट जाता है।

निकलते ही वे पलटकर उसे देखते हैं, और वह अपना मुँह बंद करके पानी में उतर जाती है।

आगे की उड़ान में यह बात उनके काम आती है, कि बड़ा होने से ज़्यादा काम छोटा होना करता है।

माधव कंदली दो ही पंक्तियों में यह सब कह देते हैं, और वही दो याद रह जाती हैं।

सप्तकांड रामायण, सुंदरकांड

त्रिकूट की चोटी

पहली रात: खोज

पार पहुँचकर वे चोटी पर चढ़ते हैं, और नीचे पूरा नगर खुल जाता है।

दीवार, फाटक, बाज़ार, महल और बाग़, सब एक साथ सामने आ जाते हैं।

वे एक एक हिस्से पर नज़र ठहराते हैं, जैसे मन में नक्शा बना रहे हों।

हवा ठंडी है, और नीचे से ढोल की आवाज़ ऊपर तक आती है।

असमिया कथा में यह पल चोटी से पूरा नगर एक साथ देखने का है।

सप्तकांड रामायण, सुंदरकांड

इस कथा के 3 और पल खेल के भीतर पढ़े जा सकते हैं: उस पार का किनारा, पानी से उठा पहाड़, समुद्र के ऊपर।

इस कथा से खेल के पत्ते

खेल में ये पत्ते इसी कथा से खुलते हैं। हर पत्ते में एक ऐसी बात है जो बहुत कम लोगों ने सुनी है।

  • हर मिज़ाज का अपना छंद
  • पहला और आख़िरी कांड नहीं मिलते
  • उत्तर और पूर्वोत्तर की पहली
  • वहाँ पहाड़ रुकता नहीं
  • असमिया कथा की उड़ान

खेल में ढूँढो

उपन्यास

यह कथा उनतालीस लंकाओं में से एक है। इन्हीं लंकाओं पर मनु विश्रांति की उपन्यास गाथा बनी है: उनतालीस लंकाएँ।

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

सप्तकांड रामायण किस भाषा में है?

असमिया।

सप्तकांड रामायण किसकी रचना है?

माधव कंदली; आदि कांड बाद में माधवदेव का, उत्तर कांड शंकरदेव का।

सप्तकांड रामायण कहाँ की है?

असम।

सप्तकांड रामायण कब की है?

चौदहवीं सदी, राजा महामाणिक्य के कहने पर।