पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · चैत्र

8 अप्रैल 2027 का पंचांग

गुरुवार · चैत्र शुक्ल द्वितीया

8 अप्रैल 2027, गुरुवार को चैत्र शुक्ल द्वितीया है, 9 अप्रैल, रात 3:11 तक; उसके बाद तृतीया। नक्षत्र अश्विनी है, शाम 6:00 तक। सूर्योदय सुबह 6:04 और सूर्यास्त शाम 6:43। राहु काल दोपहर 1:58 से दोपहर 3:33 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: राम नवमी, 15 अप्रैल 2027, गुरुवार।

पंचांग

8 अप्रैल 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
चैत्र शुक्ल द्वितीया9 अप्रैल, रात 3:11 तक, फिर तृतीया
नक्षत्र
अश्विनीशाम 6:00 तक, फिर भरणी
योग
विष्कंभ9 अप्रैल, रात 3:26 तक, फिर प्रीति
करण
बालवदोपहर 3:53 तक
वार
गुरुवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
चैत्र (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
मेषसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मीन
सूर्योदय
सुबह 6:04
सूर्यास्त
शाम 6:43
चंद्रोदय
सुबह 6:29
चंद्रास्त
रात 8:17

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:28 से सुबह 5:16 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:58 से दोपहर 12:49 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:30 से दोपहर 3:20 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 1:58 से दोपहर 3:33 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 6:04 से सुबह 7:39 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 9:14 से सुबह 10:49 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अप्रैल 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

कवितावली

ब्रजभाषा · उनतालीस में से एक

तुलसीदास की दूसरी रामकथा, मानस से अलग। यह ब्रजभाषा में है, कवित्त और सवैयों में, और पूरी कथा क्रम से नहीं चलती, चुने हुए दृश्य ज़ोर से कहे जाते हैं। इसका सुंदरकांड लंका दहन को बहुत फैलाकर कहता है, लंका के लोगों की आँख से। एक ही कवि, और दो बिल्कुल अलग कथाएँ।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

8 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?

8 अप्रैल 2027, गुरुवार को चैत्र शुक्ल द्वितीया है, 9 अप्रैल, रात 3:11 तक। उसके बाद तृतीया लगती है।

8 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 8 अप्रैल 2027 को राहु काल दोपहर 1:58 से दोपहर 3:33 तक है। यमगंड सुबह 6:04 से सुबह 7:39 तक और गुलिक काल सुबह 9:14 से सुबह 10:49 तक है।

8 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्विनी नक्षत्र, शाम 6:00 तक, फिर भरणी।

8 अप्रैल 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

राम नवमी, 15 अप्रैल 2027, गुरुवार को।