पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · चैत्र

7 अप्रैल 2027 का पंचांग

बुधवार · चैत्र शुक्ल प्रतिपदा

7 अप्रैल 2027, बुधवार को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है, 8 अप्रैल, सुबह 4:29 तक; उसके बाद द्वितीया। नक्षत्र रेवती है, शाम 6:26 तक। सूर्योदय सुबह 6:05 और सूर्यास्त शाम 6:42। राहु काल दोपहर 12:24 से दोपहर 1:58 तक है। इस दिन नव संवत्सर 2084 है। समय नई दिल्ली के हैं।

पंचांग

7 अप्रैल 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा8 अप्रैल, सुबह 4:29 तक, फिर द्वितीया
नक्षत्र
रेवतीशाम 6:26 तक, फिर अश्विनी
योग
ऐंद्रसुबह 7:27 तक, फिर वैधृति
करण
किंस्तुघ्नशाम 4:59 तक
वार
बुधवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
चैत्र (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
मीनसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मीन
सूर्योदय
सुबह 6:05
सूर्यास्त
शाम 6:42
चंद्रोदय
सुबह 5:55
चंद्रास्त
शाम 7:14

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:29 से सुबह 5:17 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:58 से दोपहर 12:49 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:30 से दोपहर 3:20 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 12:24 से दोपहर 1:58 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 7:40 से सुबह 9:14 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 10:49 से दोपहर 12:24 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अप्रैल 2027 का पूरा महीना

मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar

कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं

आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।

Google कैलेंडर में जोड़ें

  • मुफ़्त
  • कोई साइन अप नहीं
  • नाम, नंबर या ईमेल नहीं
  • जब चाहें हटा दें

दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल

इस दिन की रामकथा

भानुभक्त रामायण

नेपाली · उनतालीस में से एक

नेपाल की पहली बड़ी रामकथा, जिसे भानुभक्त आचार्य ने उन्नीसवीं सदी में नेपाली में रचा। उस समय धर्म की बात संस्कृत में ही लिखी जाती थी, और यही इसका सबसे बड़ा क़दम है, क्योंकि इससे कथा आम लोगों की ज़बान में आ गई। पहले यह ज़बानी फैली, और पूरी छपी 1887 में, कवि के जाने के बाद। नेपाल में उन्हें आदिकवि कहा जाता है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

7 अप्रैल 2027 को कौन सी तिथि है?

7 अप्रैल 2027, बुधवार को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा है, 8 अप्रैल, सुबह 4:29 तक। उसके बाद द्वितीया लगती है।

7 अप्रैल 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 7 अप्रैल 2027 को राहु काल दोपहर 12:24 से दोपहर 1:58 तक है। यमगंड सुबह 7:40 से सुबह 9:14 तक और गुलिक काल सुबह 10:49 से दोपहर 12:24 तक है।

7 अप्रैल 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती नक्षत्र, शाम 6:26 तक, फिर अश्विनी।

7 अप्रैल 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

7 अप्रैल 2027 को चैत्र नवरात्रि आरंभ · गुड़ी पड़वा · उगादी · नवरेह · विक्रम संवत 2084 है।