आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · चैत्र
9 अप्रैल 2027 का पंचांग
शुक्रवार · चैत्र शुक्ल तृतीया
9 अप्रैल 2027, शुक्रवार को चैत्र शुक्ल तृतीया है, 10 अप्रैल, रात 1:32 तक; उसके बाद चतुर्थी। नक्षत्र भरणी है, शाम 5:12 तक। सूर्योदय सुबह 6:03 और सूर्यास्त शाम 6:43। राहु काल सुबह 10:48 से दोपहर 12:23 तक है। इस दिन गणगौर है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
9 अप्रैल 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- चैत्र शुक्ल तृतीया10 अप्रैल, रात 1:32 तक, फिर चतुर्थी
- नक्षत्र
- भरणीशाम 5:12 तक, फिर कृत्तिका
- योग
- प्रीति10 अप्रैल, रात 12:59 तक, फिर आयुष्मान
- करण
- तैतिलदोपहर 2:24 तक
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- चैत्र (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मेषसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मीन
- सूर्योदय
- सुबह 6:03
- सूर्यास्त
- शाम 6:43
- चंद्रोदय
- सुबह 7:09
- चंद्रास्त
- रात 9:23
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:27 से सुबह 5:15 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:58 से दोपहर 12:48 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:30 से दोपहर 3:21 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 10:48 से दोपहर 12:23 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 3:33 से शाम 5:08 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 7:38 से सुबह 9:13 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। अप्रैल 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
यम ज़ातदो
बर्मी · उनतालीस में से एक
बर्मा की रामकथा, जिसका नाम यम ज़ातदो है, यानी राम की जातक कथा। बर्मा में यह कथा मंच की कथा है, और वहाँ के लोग इसे अपनी जातक कथाओं में गिनते हैं। लिखे हुए पाठ से ज़्यादा यह खेली जाने वाली कथा है।
