आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · फाल्गुन
19 मार्च 2027 का पंचांग
शुक्रवार · फाल्गुन शुक्ल द्वादशी
19 मार्च 2027, शुक्रवार को फाल्गुन शुक्ल द्वादशी है, रात 11:18 तक; उसके बाद त्रयोदशी। नक्षत्र आश्लेषा है, 20 मार्च, रात 1:32 तक। सूर्योदय सुबह 6:27 और सूर्यास्त शाम 6:32। राहु काल सुबह 10:59 से दोपहर 12:29 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
19 मार्च 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- फाल्गुन शुक्ल द्वादशीरात 11:18 तक, फिर त्रयोदशी
- नक्षत्र
- आश्लेषा20 मार्च, रात 1:32 तक, फिर मघा
- योग
- सुकर्मारात 11:20 तक, फिर धृति
- करण
- बवदोपहर 12:35 तक
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- फाल्गुन (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- कर्कसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मीन
- सूर्योदय
- सुबह 6:27
- सूर्यास्त
- शाम 6:32
- चंद्रोदय
- दोपहर 3:23
- चंद्रास्त
- सुबह 4:13
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:51 से सुबह 5:39 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:05 से दोपहर 12:53 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:30 से दोपहर 3:18 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 10:59 से दोपहर 12:29 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 3:30 से शाम 5:01 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 7:58 से सुबह 9:28 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मार्च 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
हनुमान चालीसा
अवधी · उनतालीस में से एक
चालीस चौपाइयों की वह छोटी रचना जो रोज़ पढ़ी जाती है। उसमें इस पूरी रात की बातें गिनी चुनी पंक्तियों में याद कर ली गई हैं, और बहुत से लोग इस रात को इन्हीं पंक्तियों से जानते हैं।