आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · फाल्गुन
18 मार्च 2027 का पंचांग
गुरुवार · फाल्गुन शुक्ल एकादशी
18 मार्च 2027, गुरुवार को फाल्गुन शुक्ल एकादशी है, 19 मार्च, रात 1:52 तक; उसके बाद द्वादशी। नक्षत्र पुष्य है, 19 मार्च, रात 3:21 तक। सूर्योदय सुबह 6:28 और सूर्यास्त शाम 6:31। राहु काल दोपहर 2:00 से दोपहर 3:30 तक है। इस दिन आमलकी एकादशी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
18 मार्च 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- फाल्गुन शुक्ल एकादशी19 मार्च, रात 1:52 तक, फिर द्वादशी
- नक्षत्र
- पुष्य19 मार्च, रात 3:21 तक, फिर आश्लेषा
- योग
- अतिगंड19 मार्च, रात 2:35 तक, फिर सुकर्मा
- करण
- वणिजदोपहर 3:08 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- फाल्गुन (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- कर्कसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मीन
- सूर्योदय
- सुबह 6:28
- सूर्यास्त
- शाम 6:31
- चंद्रोदय
- दोपहर 2:14
- चंद्रास्त
- रात 3:29
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 4:52 से सुबह 5:40 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:05 से दोपहर 12:54 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:30 से दोपहर 3:18 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 2:00 से दोपहर 3:30 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 6:28 से सुबह 7:58 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 9:29 से सुबह 10:59 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मार्च 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
तोरवे रामायण
कन्नड़ · उनतालीस में से एक
कन्नड़ की पहली वैष्णव रामकथा, भामिनी षट्पदी छंद में, जिसे गाकर पढ़ा जाता है। इसके कवि नरहरि को कुमार वाल्मीकि कहा जाता है। कथा शिव पार्वती को सुनाते हैं, और यह मोटे तौर पर वाल्मीकि के साथ चलती है।