पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · फाल्गुन

17 मार्च 2027 का पंचांग

बुधवार · फाल्गुन शुक्ल नवमी

17 मार्च 2027, बुधवार को फाल्गुन शुक्ल नवमी है, सुबह 6:44 तक; उसके बाद दशमी। नक्षत्र आर्द्रा है, सुबह 6:46 तक। सूर्योदय सुबह 6:29 और सूर्यास्त शाम 6:30। राहु काल दोपहर 12:30 से दोपहर 2:00 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: होलिका दहन, 22 मार्च 2027, सोमवार।

पंचांग

17 मार्च 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
फाल्गुन शुक्ल नवमीसुबह 6:44 तक, फिर दशमी
नक्षत्र
आर्द्रासुबह 6:46 तक, फिर पुनर्वसु
योग
सौभाग्यसुबह 8:53 तक, फिर शोभन
करण
कौलवसुबह 6:44 तक
वार
बुधवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
फाल्गुन (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2083
चंद्र राशि
मिथुनसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
मीन
सूर्योदय
सुबह 6:29
सूर्यास्त
शाम 6:30
चंद्रोदय
दोपहर 1:04
चंद्रास्त
रात 2:38

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 4:53 से सुबह 5:41 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
दोपहर 12:06 से दोपहर 12:54 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:30 से दोपहर 3:18 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 12:30 से दोपहर 2:00 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 7:59 से सुबह 9:30 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 11:00 से दोपहर 12:30 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। मार्च 2027 का पूरा महीना

मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar

कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं

आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।

Google कैलेंडर में जोड़ें

  • मुफ़्त
  • कोई साइन अप नहीं
  • नाम, नंबर या ईमेल नहीं
  • जब चाहें हटा दें

दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल

इस दिन की रामकथा

विलंका रामायण

ओड़िया · उनतालीस में से एक

ओड़िया की वह कथा जो लंका के बाद शुरू होती है। पाताल में एक दूसरी लंका, विलंका, और वहाँ हज़ार सिर वाला रावण। यह कथा संस्कृत की अद्भुत रामायण से मिलती है, जहाँ भी अंत सीता के हाथ होता है। यही इस खेल की चौथी रात है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

17 मार्च 2027 को कौन सी तिथि है?

17 मार्च 2027, बुधवार को फाल्गुन शुक्ल नवमी है, सुबह 6:44 तक। उसके बाद दशमी लगती है।

17 मार्च 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 17 मार्च 2027 को राहु काल दोपहर 12:30 से दोपहर 2:00 तक है। यमगंड सुबह 7:59 से सुबह 9:30 तक और गुलिक काल सुबह 11:00 से दोपहर 12:30 तक है।

17 मार्च 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

आर्द्रा नक्षत्र, सुबह 6:46 तक, फिर पुनर्वसु।

17 मार्च 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

होलिका दहन, 22 मार्च 2027, सोमवार को।