पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · फाल्गुन

26 फ़रवरी 2027 का पंचांग

शुक्रवार · फाल्गुन कृष्ण षष्ठी

26 फ़रवरी 2027, शुक्रवार को फाल्गुन कृष्ण षष्ठी है, रात 8:44 तक; उसके बाद सप्तमी। नक्षत्र स्वाती है, सुबह 10:14 तक। सूर्योदय सुबह 6:50 और सूर्यास्त शाम 6:19। राहु काल सुबह 11:08 से दोपहर 12:34 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: शबरी जयंती, 27 फ़रवरी 2027, शनिवार।

पंचांग

26 फ़रवरी 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
फाल्गुन कृष्ण षष्ठीरात 8:44 तक, फिर सप्तमी
नक्षत्र
स्वातीसुबह 10:14 तक, फिर विशाखा
योग
ध्रुवरात 10:19 तक, फिर व्याघात
करण
गरसुबह 8:25 तक
वार
शुक्रवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
फाल्गुन (पूर्णिमांत)माघ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2083
चंद्र राशि
तुलासूर्योदय के समय
सूर्य राशि
कुंभ
सूर्योदय
सुबह 6:50
सूर्यास्त
शाम 6:19
चंद्रोदय
इस दिन नहीं
चंद्रास्त
सुबह 9:48

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 5:14 से सुबह 6:02 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
दोपहर 12:11 से दोपहर 12:57 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:29 से दोपहर 3:15 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
सुबह 11:08 से दोपहर 12:34 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 3:27 से शाम 4:53 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 8:16 से सुबह 9:42 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। फ़रवरी 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

गिरधर रामायण

गुजराती · उनतालीस में से एक

गुजराती की वह रामकथा जिसे गिरधर ने सन 1835 में पूरा किया। उन्होंने कथा मुख्य रूप से वाल्मीकि और हनुमन्नाटक से ली, और उसे सीधी सादी भाषा में लिखा। सबसे बड़ी बात इसका संगीत है: यह कई रागों और छंदों में बँधी है, जैसे धनाश्री, बिलावल, मारू, सोरठ और आसावरी, इसलिए इसे पढ़ा कम और गाया ज़्यादा जाता है।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

26 फ़रवरी 2027 को कौन सी तिथि है?

26 फ़रवरी 2027, शुक्रवार को फाल्गुन कृष्ण षष्ठी है, रात 8:44 तक। उसके बाद सप्तमी लगती है।

26 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 26 फ़रवरी 2027 को राहु काल सुबह 11:08 से दोपहर 12:34 तक है। यमगंड दोपहर 3:27 से शाम 4:53 तक और गुलिक काल सुबह 8:16 से सुबह 9:42 तक है।

26 फ़रवरी 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

स्वाती नक्षत्र, सुबह 10:14 तक, फिर विशाखा।

26 फ़रवरी 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

शबरी जयंती, 27 फ़रवरी 2027, शनिवार को।