आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · फाल्गुन
22 फ़रवरी 2027 का पंचांग
सोमवार · फाल्गुन कृष्ण द्वितीया
22 फ़रवरी 2027, सोमवार को फाल्गुन कृष्ण द्वितीया है, रात 11:39 तक; उसके बाद तृतीया। नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी है, सुबह 11:55 तक। सूर्योदय सुबह 6:54 और सूर्यास्त शाम 6:16। राहु काल सुबह 8:19 से सुबह 9:44 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
22 फ़रवरी 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- फाल्गुन कृष्ण द्वितीयारात 11:39 तक, फिर तृतीया
- नक्षत्र
- पूर्वा फाल्गुनीसुबह 11:55 तक, फिर उत्तरा फाल्गुनी
- योग
- सुकर्मासुबह 8:02 तक, फिर धृति
- करण
- तैतिलदोपहर 12:48 तक
- वार
- सोमवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- फाल्गुन (पूर्णिमांत)माघ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- सिंहसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कुंभ
- सूर्योदय
- सुबह 6:54
- सूर्यास्त
- शाम 6:16
- चंद्रोदय
- रात 7:54
- चंद्रास्त
- सुबह 7:32
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:18 से सुबह 6:06 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:12 से दोपहर 12:58 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:29 से दोपहर 3:14 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 8:19 से सुबह 9:44 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 11:10 से दोपहर 12:35 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 2:00 से दोपहर 3:25 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। फ़रवरी 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।
फ़ोन पर Google का पन्ना ठीक से न खुले, तो यही बटन कंप्यूटर पर दबाइए। जुड़ते ही यह फ़ोन में भी दिखेगा।
जोड़ते समय “Remove Alerts” बंद कर दें (टिक हटा दें), तो बड़े त्योहारों की सुबह 7 बजे याद भी आएगी कि अपनों को कार्ड भेजना है।
- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
- नाम, नंबर या ईमेल नहीं
- जब चाहें हटा दें
दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल
इस दिन की रामकथा
हिकायत सेरी राम
मलय · उनतालीस में से एक
मलय में लिखी रामकथा, हिकायत सेरी राम। हिकायत यानी सुनाई जाने वाली कहानी, इसलिए यह गद्य में है। यहाँ हनुमान सेरी राम के अपने बेटे हैं, और सीता सिति देवी। इसकी सबसे पुरानी पोथी 1633 से पहले की है, और केलंतान के छाया नाटक में इसके प्रसंग आज भी खेले जाते हैं।