पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · फाल्गुन

21 फ़रवरी 2027 का पंचांग

रविवार · फाल्गुन कृष्ण प्रतिपदा

21 फ़रवरी 2027, रविवार को फाल्गुन कृष्ण प्रतिपदा है, 22 फ़रवरी, रात 2:04 तक; उसके बाद द्वितीया। नक्षत्र मघा है, दोपहर 1:51 तक। सूर्योदय सुबह 6:55 और सूर्यास्त शाम 6:15। राहु काल शाम 4:50 से शाम 6:15 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: शबरी जयंती, 27 फ़रवरी 2027, शनिवार।

पंचांग

21 फ़रवरी 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
फाल्गुन कृष्ण प्रतिपदा22 फ़रवरी, रात 2:04 तक, फिर द्वितीया
नक्षत्र
मघादोपहर 1:51 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी
योग
अतिगंडसुबह 11:27 तक, फिर सुकर्मा
करण
बालवदोपहर 3:26 तक
वार
रविवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
फाल्गुन (पूर्णिमांत)माघ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2083
चंद्र राशि
सिंहसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
कुंभ
सूर्योदय
सुबह 6:55
सूर्यास्त
शाम 6:15
चंद्रोदय
शाम 6:50
चंद्रास्त
सुबह 6:57

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 5:19 से सुबह 6:07 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
दोपहर 12:12 से दोपहर 12:58 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 2:28 से दोपहर 3:14 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
शाम 4:50 से शाम 6:15 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
दोपहर 12:35 से दोपहर 2:00 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
दोपहर 3:25 से शाम 4:50 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। फ़रवरी 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

रामावतार

ब्रजभाषा · उनतालीस में से एक

दसम ग्रंथ के चौबीस अवतार में बीसवाँ, राम अवतार। ब्रजभाषा में है और गुरमुखी लिपि में लिखा है, और परंपरा इसे गुरु गोबिंद सिंह की रचना मानती है। यह 1698 में सतलुज के किनारे, नैना देवी पहाड़ी के नीचे पूरा हुआ। इसमें पूरा सुंदरकांड एक ही छंद में है: हनुमान जी अँगूठी लेकर जाते हैं, नगर जलाते हैं, अक्षय कुमार को मारते हैं और लौट आते हैं। इसके आख़िरी सवैया और दोहा आज भी रोज़ रहरास साहिब में पढ़े जाते हैं।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

21 फ़रवरी 2027 को कौन सी तिथि है?

21 फ़रवरी 2027, रविवार को फाल्गुन कृष्ण प्रतिपदा है, 22 फ़रवरी, रात 2:04 तक। उसके बाद द्वितीया लगती है।

21 फ़रवरी 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 21 फ़रवरी 2027 को राहु काल शाम 4:50 से शाम 6:15 तक है। यमगंड दोपहर 12:35 से दोपहर 2:00 तक और गुलिक काल दोपहर 3:25 से शाम 4:50 तक है।

21 फ़रवरी 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

मघा नक्षत्र, दोपहर 1:51 तक, फिर पूर्वा फाल्गुनी।

21 फ़रवरी 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

शबरी जयंती, 27 फ़रवरी 2027, शनिवार को।