आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · फाल्गुन
23 फ़रवरी 2027 का पंचांग
मंगलवार · फाल्गुन कृष्ण तृतीया
23 फ़रवरी 2027, मंगलवार को फाल्गुन कृष्ण तृतीया है, रात 9:49 तक; उसके बाद चतुर्थी। नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी है, सुबह 10:28 तक। सूर्योदय सुबह 6:53 और सूर्यास्त शाम 6:17। राहु काल दोपहर 3:26 से शाम 4:51 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
23 फ़रवरी 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- फाल्गुन कृष्ण तृतीयारात 9:49 तक, फिर चतुर्थी
- नक्षत्र
- उत्तरा फाल्गुनीसुबह 10:28 तक, फिर हस्त
- योग
- शूल24 फ़रवरी, रात 2:27 तक, फिर गंड
- करण
- वणिजसुबह 10:40 तक
- वार
- मंगलवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- फाल्गुन (पूर्णिमांत)माघ (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- कन्यासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- कुंभ
- सूर्योदय
- सुबह 6:53
- सूर्यास्त
- शाम 6:17
- चंद्रोदय
- रात 8:57
- चंद्रास्त
- सुबह 8:05
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:17 से सुबह 6:05 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:12 से दोपहर 12:58 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:29 से दोपहर 3:14 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 3:26 से शाम 4:51 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 9:44 से सुबह 11:09 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 12:35 से दोपहर 2:00 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। फ़रवरी 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
मोल्ला रामायणम्
तेलुगु · उनतालीस में से एक
तेलुगु की वह रामकथा जिसे सोलहवीं सदी में मोल्ला ने रचा, एक कुम्हार की बेटी ने। उनके पीछे कोई बड़ा घराना नहीं था, और वे अपनी कविता को अपनी कमाई नहीं, देन मानती हैं। यह तेलुगु की पहली संक्षेप रामकथा मानी जाती है।