आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · माघ
28 जनवरी 2027 का पंचांग
गुरुवार · माघ कृष्ण सप्तमी
28 जनवरी 2027, गुरुवार को माघ कृष्ण सप्तमी है, 29 जनवरी, सुबह 4:03 तक; उसके बाद अष्टमी। नक्षत्र चित्रा है, 29 जनवरी, रात 12:33 तक। सूर्योदय सुबह 7:11 और सूर्यास्त शाम 5:57। राहु काल दोपहर 1:55 से दोपहर 3:15 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
28 जनवरी 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- माघ कृष्ण सप्तमी29 जनवरी, सुबह 4:03 तक, फिर अष्टमी
- नक्षत्र
- चित्रा29 जनवरी, रात 12:33 तक, फिर स्वाती
- योग
- धृतिशाम 4:58 तक, फिर शूल
- करण
- विष्टि (भद्रा)दोपहर 3:53 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- माघ (पूर्णिमांत)पौष (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- कन्यासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मकर
- सूर्योदय
- सुबह 7:11
- सूर्यास्त
- शाम 5:57
- चंद्रोदय
- इस दिन नहीं
- चंद्रास्त
- सुबह 10:41
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:35 से सुबह 6:23 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:13 से दोपहर 12:56 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:22 से दोपहर 3:05 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 1:55 से दोपहर 3:15 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 7:11 से सुबह 8:32 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 9:53 से सुबह 11:13 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जनवरी 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
कूर्म पुराण और ब्रह्मवैवर्त पुराण
संस्कृत · उनतालीस में से एक
छाया वाली सीता की कथा का पुराना स्रोत। रावण के आने पर अग्नि असली सीता को अपने पास रख लेते हैं, और रावण उनकी छाया ले जाता है। ब्रह्मवैवर्त पुराण में यही छाया आगे वेदवती से जुड़ती है। यह विचार अध्यात्म रामायण और मानस तक पहुँचा।