आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · माघ
27 जनवरी 2027 का पंचांग
बुधवार · माघ कृष्ण षष्ठी
27 जनवरी 2027, बुधवार को माघ कृष्ण षष्ठी है, 28 जनवरी, रात 3:54 तक; उसके बाद सप्तमी। नक्षत्र हस्त है, रात 11:56 तक। सूर्योदय सुबह 7:12 और सूर्यास्त शाम 5:56। राहु काल दोपहर 12:34 से दोपहर 1:54 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
27 जनवरी 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- माघ कृष्ण षष्ठी28 जनवरी, रात 3:54 तक, फिर सप्तमी
- नक्षत्र
- हस्तरात 11:56 तक, फिर चित्रा
- योग
- सुकर्माशाम 6:19 तक, फिर धृति
- करण
- गरशाम 4:08 तक
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- माघ (पूर्णिमांत)पौष (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- कन्यासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मकर
- सूर्योदय
- सुबह 7:12
- सूर्यास्त
- शाम 5:56
- चंद्रोदय
- रात 11:15
- चंद्रास्त
- सुबह 10:09
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:36 से सुबह 6:24 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:12 से दोपहर 12:55 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:21 से दोपहर 3:04 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 12:34 से दोपहर 1:54 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 8:32 से सुबह 9:53 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 11:13 से दोपहर 12:34 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जनवरी 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
पउमचरिय
प्राकृत, जैन परंपरा · उनतालीस में से एक
सबसे पुरानी जैन रामकथा, प्राकृत में। यहाँ लंका के लोग राक्षस नहीं, विद्याधर हैं, और हनुमान भी वानर नहीं, विद्याधर वीर हैं। उड़ना जादू नहीं, विद्या है। सबसे बड़ा फ़र्क़ यह कि यहाँ पूँछ में आग लगने की बात ही नहीं आती।