आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · माघ
29 जनवरी 2027 का पंचांग
शुक्रवार · माघ कृष्ण अष्टमी
29 जनवरी 2027, शुक्रवार को माघ कृष्ण अष्टमी है, 30 जनवरी, सुबह 4:59 तक; उसके बाद नवमी। नक्षत्र स्वाती है, 30 जनवरी, रात 1:55 तक। सूर्योदय सुबह 7:11 और सूर्यास्त शाम 5:58। राहु काल सुबह 11:13 से दोपहर 12:34 तक है। इस दिन कालाष्टमी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
29 जनवरी 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- माघ कृष्ण अष्टमी30 जनवरी, सुबह 4:59 तक, फिर नवमी
- नक्षत्र
- स्वाती30 जनवरी, रात 1:55 तक, फिर विशाखा
- योग
- शूलशाम 4:13 तक, फिर गंड
- करण
- बालवशाम 4:25 तक
- वार
- शुक्रवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- माघ (पूर्णिमांत)पौष (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- तुलासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मकर
- सूर्योदय
- सुबह 7:11
- सूर्यास्त
- शाम 5:58
- चंद्रोदय
- रात 12:15
- चंद्रास्त
- सुबह 11:15
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:35 से सुबह 6:23 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:13 से दोपहर 12:56 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:22 से दोपहर 3:05 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 11:13 से दोपहर 12:34 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 3:16 से शाम 4:37 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 8:32 से सुबह 9:53 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जनवरी 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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इस दिन की रामकथा
महाभारत, रामोपाख्यान
संस्कृत · उनतालीस में से एक
महाभारत के वन पर्व में आई छोटी रामकथा, जिसे मार्कंडेय ऋषि युधिष्ठिर को सुनाते हैं। पूरी कथा सात सौ चार श्लोकों में आ जाती है।