आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · पौष
19 जनवरी 2027 का पंचांग
मंगलवार · पौष शुक्ल एकादशी
19 जनवरी 2027, मंगलवार को पौष शुक्ल एकादशी है, सुबह 7:50 तक; उसके बाद द्वादशी। नक्षत्र रोहिणी है, शाम 6:55 तक। सूर्योदय सुबह 7:14 और सूर्यास्त शाम 5:49। राहु काल दोपहर 3:11 से शाम 4:30 तक है। इस दिन पुत्रदा एकादशी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
19 जनवरी 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- पौष शुक्ल एकादशीसुबह 7:50 तक, फिर द्वादशी
- नक्षत्र
- रोहिणीशाम 6:55 तक, फिर मृगशिरा
- योग
- ब्रह्म20 जनवरी, रात 2:28 तक, फिर ऐंद्र
- करण
- विष्टि (भद्रा)सुबह 7:50 तक
- वार
- मंगलवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- पौष (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- वृषभसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मकर
- सूर्योदय
- सुबह 7:14
- सूर्यास्त
- शाम 5:49
- चंद्रोदय
- दोपहर 2:14
- चंद्रास्त
- रात 3:54
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:38 से सुबह 6:26 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:11 से दोपहर 12:53 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:18 से दोपहर 3:00 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 3:11 से शाम 4:30 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 9:53 से सुबह 11:12 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 12:32 से दोपहर 1:51 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जनवरी 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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इस दिन की रामकथा
भानुभक्त रामायण
नेपाली · उनतालीस में से एक
नेपाल की पहली बड़ी रामकथा, जिसे भानुभक्त आचार्य ने उन्नीसवीं सदी में नेपाली में रचा। उस समय धर्म की बात संस्कृत में ही लिखी जाती थी, और यही इसका सबसे बड़ा क़दम है, क्योंकि इससे कथा आम लोगों की ज़बान में आ गई। पहले यह ज़बानी फैली, और पूरी छपी 1887 में, कवि के जाने के बाद। नेपाल में उन्हें आदिकवि कहा जाता है।