आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · पौष
20 जनवरी 2027 का पंचांग
बुधवार · पौष शुक्ल त्रयोदशी
20 जनवरी 2027, बुधवार को पौष शुक्ल त्रयोदशी है, 21 जनवरी, रात 1:12 तक; उसके बाद चतुर्दशी। नक्षत्र मृगशिरा है, शाम 4:17 तक। सूर्योदय सुबह 7:14 और सूर्यास्त शाम 5:50। राहु काल दोपहर 12:32 से दोपहर 1:52 तक है। इस दिन प्रदोष व्रत है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
20 जनवरी 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- पौष शुक्ल त्रयोदशी21 जनवरी, रात 1:12 तक, फिर चतुर्दशी
- नक्षत्र
- मृगशिराशाम 4:17 तक, फिर आर्द्रा
- योग
- ऐंद्ररात 10:23 तक, फिर वैधृति
- करण
- कौलवदोपहर 2:59 तक
- वार
- बुधवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- पौष (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- मिथुनसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- मकर
- सूर्योदय
- सुबह 7:14
- सूर्यास्त
- शाम 5:50
- चंद्रोदय
- दोपहर 3:19
- चंद्रास्त
- सुबह 5:03
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:38 से सुबह 6:26 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:11 से दोपहर 12:53 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:18 से दोपहर 3:01 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 12:32 से दोपहर 1:52 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 8:34 से सुबह 9:53 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 11:13 से दोपहर 12:32 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जनवरी 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
कवितावली
ब्रजभाषा · उनतालीस में से एक
तुलसीदास की दूसरी रामकथा, मानस से अलग। यह ब्रजभाषा में है, कवित्त और सवैयों में, और पूरी कथा क्रम से नहीं चलती, चुने हुए दृश्य ज़ोर से कहे जाते हैं। इसका सुंदरकांड लंका दहन को बहुत फैलाकर कहता है, लंका के लोगों की आँख से। एक ही कवि, और दो बिल्कुल अलग कथाएँ।