आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · पौष
3 जनवरी 2027 का पंचांग
रविवार · पौष कृष्ण एकादशी
3 जनवरी 2027, रविवार को पौष कृष्ण एकादशी है, शाम 4:09 तक; उसके बाद द्वादशी। नक्षत्र विशाखा है, रात 9:37 तक। सूर्योदय सुबह 7:14 और सूर्यास्त शाम 5:37। राहु काल शाम 4:19 से शाम 5:37 तक है। इस दिन सफला एकादशी है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
3 जनवरी 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- पौष कृष्ण एकादशीशाम 4:09 तक, फिर द्वादशी
- नक्षत्र
- विशाखारात 9:37 तक, फिर अनुराधा
- योग
- धृतिसुबह 11:37 तक, फिर शूल
- करण
- बालवशाम 4:09 तक
- वार
- रविवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- पौष (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- तुलासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- धनु
- सूर्योदय
- सुबह 7:14
- सूर्यास्त
- शाम 5:37
- चंद्रोदय
- रात 3:21
- चंद्रास्त
- दोपहर 1:54
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:38 से सुबह 6:26 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:05 से दोपहर 12:46 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:09 से दोपहर 2:51 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- शाम 4:19 से शाम 5:37 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 12:25 से दोपहर 1:43 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- दोपहर 3:01 से शाम 4:19 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जनवरी 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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इस दिन की रामकथा
अध्यात्म रामायण
संस्कृत · उनतालीस में से एक
दर्शन की तरफ़ झुकी हुई कथा, जो शिव पार्वती के संवाद के रूप में चलती है। यहाँ राम ब्रह्म हैं और सीता माया, इसलिए द्वार पर रोकने वाली भी पहले से जानती है कि जनक के घर जन्मी योगमाया हैं। इसका सुंदरकांड पाँच सर्गों का है।