आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2083 · पौष
2 जनवरी 2027 का पंचांग
शनिवार · पौष कृष्ण दशमी
2 जनवरी 2027, शनिवार को पौष कृष्ण दशमी है, दोपहर 2:25 तक; उसके बाद एकादशी। नक्षत्र स्वाती है, शाम 7:20 तक। सूर्योदय सुबह 7:14 और सूर्यास्त शाम 5:36। राहु काल सुबह 9:50 से सुबह 11:07 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
2 जनवरी 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- पौष कृष्ण दशमीदोपहर 2:25 तक, फिर एकादशी
- नक्षत्र
- स्वातीशाम 7:20 तक, फिर विशाखा
- योग
- सुकर्मासुबह 11:29 तक, फिर धृति
- करण
- विष्टि (भद्रा)दोपहर 2:25 तक
- वार
- शनिवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- पौष (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2083
- चंद्र राशि
- तुलासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- धनु
- सूर्योदय
- सुबह 7:14
- सूर्यास्त
- शाम 5:36
- चंद्रोदय
- रात 2:23
- चंद्रास्त
- दोपहर 1:16
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:38 से सुबह 6:26 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- दोपहर 12:04 से दोपहर 12:46 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 2:09 से दोपहर 2:50 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 9:50 से सुबह 11:07 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 1:43 से दोपहर 3:00 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 7:14 से सुबह 8:32 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। जनवरी 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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इस दिन की रामकथा
रामचरितमानस
अवधी · उनतालीस में से एक
अवधी में तुलसीदास की रचना, जो उत्तर भारत में सबसे ज़्यादा पढ़ी और गाई जाती है। यहाँ कथा भक्ति की तरफ़ झुकती है: हनुमान मच्छर जितने छोटे होते हैं, विभीषण का घर तुलसी से पहचाना जाता है, और लौटने से पहले विदा लेना उतना ही ज़रूरी है जितना लंका जलाना।