पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · पौष

15 दिसंबर 2027 का पंचांग

बुधवार · पौष कृष्ण द्वितीया

15 दिसंबर 2027, बुधवार को पौष कृष्ण द्वितीया है, शाम 4:14 तक; उसके बाद तृतीया। नक्षत्र आर्द्रा है, सुबह 11:22 तक। सूर्योदय सुबह 7:06 और सूर्यास्त शाम 5:26। राहु काल दोपहर 12:16 से दोपहर 1:34 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: हनुमत जयंती, 27 दिसंबर 2027, सोमवार।

पंचांग

15 दिसंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
पौष कृष्ण द्वितीयाशाम 4:14 तक, फिर तृतीया
नक्षत्र
आर्द्रासुबह 11:22 तक, फिर पुनर्वसु
योग
शुक्लदोपहर 1:16 तक, फिर ब्रह्म
करण
गरशाम 4:14 तक
वार
बुधवार
पक्ष
कृष्ण पक्ष
महीना
पौष (पूर्णिमांत)मार्गशीर्ष (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
मिथुनसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
वृश्चिक
सूर्योदय
सुबह 7:06
सूर्यास्त
शाम 5:26
चंद्रोदय
शाम 7:15
चंद्रास्त
सुबह 8:40

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 5:30 से सुबह 6:18 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:55 से दोपहर 12:37 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
विजय मुहूर्त
दोपहर 1:59 से दोपहर 2:41 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 12:16 से दोपहर 1:34 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 8:23 से सुबह 9:41 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 10:58 से दोपहर 12:16 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

विलंका रामायण

ओड़िया · उनतालीस में से एक

ओड़िया की वह कथा जो लंका के बाद शुरू होती है। पाताल में एक दूसरी लंका, विलंका, और वहाँ हज़ार सिर वाला रावण। यह कथा संस्कृत की अद्भुत रामायण से मिलती है, जहाँ भी अंत सीता के हाथ होता है। यही इस खेल की चौथी रात है।

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सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

15 दिसंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

15 दिसंबर 2027, बुधवार को पौष कृष्ण द्वितीया है, शाम 4:14 तक। उसके बाद तृतीया लगती है।

15 दिसंबर 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 15 दिसंबर 2027 को राहु काल दोपहर 12:16 से दोपहर 1:34 तक है। यमगंड सुबह 8:23 से सुबह 9:41 तक और गुलिक काल सुबह 10:58 से दोपहर 12:16 तक है।

15 दिसंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

आर्द्रा नक्षत्र, सुबह 11:22 तक, फिर पुनर्वसु।

15 दिसंबर 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

हनुमत जयंती, 27 दिसंबर 2027, सोमवार को।