आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · मार्गशीर्ष
11 दिसंबर 2027 का पंचांग
शनिवार · मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी
11 दिसंबर 2027, शनिवार को मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी है, 12 दिसंबर, रात 1:43 तक; उसके बाद चतुर्दशी। नक्षत्र भरणी है, शाम 5:38 तक। सूर्योदय सुबह 7:03 और सूर्यास्त शाम 5:25। राहु काल सुबह 9:39 से सुबह 10:56 तक है। इस दिन हनुमद व्रत (कर्नाटक), शनि प्रदोष व्रत है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
11 दिसंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी12 दिसंबर, रात 1:43 तक, फिर चतुर्दशी
- नक्षत्र
- भरणीशाम 5:38 तक, फिर कृत्तिका
- योग
- शिव12 दिसंबर, रात 1:49 तक, फिर सिद्ध
- करण
- कौलवदोपहर 2:24 तक
- वार
- शनिवार
- पक्ष
- शुक्ल पक्ष
- महीना
- मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- मेषसूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- सूर्योदय
- सुबह 7:03
- सूर्यास्त
- शाम 5:25
- चंद्रोदय
- दोपहर 3:13
- चंद्रास्त
- सुबह 4:28
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:27 से सुबह 6:15 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:53 से दोपहर 12:35 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:58 से दोपहर 2:39 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- सुबह 9:39 से सुबह 10:56 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- दोपहर 1:32 से दोपहर 2:50 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 7:03 से सुबह 8:21 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
- कोई साइन अप नहीं
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- जब चाहें हटा दें
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इस दिन की रामकथा
रंगनाथ रामायण
तेलुगु, द्विपद छंद · उनतालीस में से एक
तेलुगु की पहली पूरी रामायण, द्विपद छंद में, जिसे गाकर सुनाया जाता है। इसीलिए यह दरबार की नहीं, लोगों की कथा लगती है। इसमें कई लोक प्रसंग जुड़े हैं, जैसे पुल बनाने में मदद करने वाली गिलहरी, और आज भी चमड़े की कठपुतलियों वाले नाटक इसके द्विपद गाते हैं।