पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · मार्गशीर्ष

2 दिसंबर 2027 का पंचांग

गुरुवार · मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्थी

2 दिसंबर 2027, गुरुवार को मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्थी है, दोपहर 1:44 तक; उसके बाद पंचमी। नक्षत्र उत्तराषाढ़ा है, 3 दिसंबर, रात 2:30 तक। सूर्योदय सुबह 6:57 और सूर्यास्त शाम 5:24। राहु काल दोपहर 1:29 से दोपहर 2:47 तक है। इस दिन विनायक चतुर्थी है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन के त्योहार और व्रत

पंचांग

2 दिसंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्थीदोपहर 1:44 तक, फिर पंचमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा3 दिसंबर, रात 2:30 तक, फिर श्रवण
योग
वृद्धि3 दिसंबर, रात 3:22 तक, फिर ध्रुव
करण
विष्टि (भद्रा)दोपहर 1:44 तक
वार
गुरुवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
मकरसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
वृश्चिक
सूर्योदय
सुबह 6:57
सूर्यास्त
शाम 5:24
चंद्रोदय
सुबह 10:22
चंद्रास्त
रात 9:05

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 5:21 से सुबह 6:09 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:49 से दोपहर 12:31 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
विजय मुहूर्त
दोपहर 1:55 से दोपहर 2:37 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 1:29 से दोपहर 2:47 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 6:57 से सुबह 8:15 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 9:34 से सुबह 10:52 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2027 का पूरा महीना

मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar

कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं

आज से दिसंबर 2027 तक के 334 त्योहार और व्रत, तिथि और मुहूर्त के साथ, सीधे आपके फ़ोन के कैलेंडर में। हर त्योहार के साथ उसका शुभकामना कार्ड भी, अपनों को WhatsApp पर भेजने के लिए। एक बार दबाइए, बस।

Google कैलेंडर में जोड़ें

  • मुफ़्त
  • कोई साइन अप नहीं
  • नाम, नंबर या ईमेल नहीं
  • जब चाहें हटा दें

दूसरा कैलेंडर: iPhone या Mac · Google · Outlook · फ़ाइल

इस दिन की रामकथा

ककविन रामायण

पुरानी जावानी · उनतालीस में से एक

जावा की सबसे पुरानी रामकथा, नौवीं सदी के अंत में मध्य जावा में लिखी गई, छब्बीस सर्गों की। यह वाल्मीकि से नहीं, भट्टिकाव्य नाम की संस्कृत रचना से ली गई है, और लगभग दो तिहाई उसी के पास चलती है, फिर अपने रास्ते। पूर्वी जावा के पनातरन मंदिर की दीवारों पर इसी कथा के दृश्य खुदे हैं।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

2 दिसंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

2 दिसंबर 2027, गुरुवार को मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्थी है, दोपहर 1:44 तक। उसके बाद पंचमी लगती है।

2 दिसंबर 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 2 दिसंबर 2027 को राहु काल दोपहर 1:29 से दोपहर 2:47 तक है। यमगंड सुबह 6:57 से सुबह 8:15 तक और गुलिक काल सुबह 9:34 से सुबह 10:52 तक है।

2 दिसंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तराषाढ़ा नक्षत्र, 3 दिसंबर, रात 2:30 तक, फिर श्रवण।

2 दिसंबर 2027 को कौन सा त्योहार या व्रत है?

2 दिसंबर 2027 को विनायक चतुर्थी है।