पंचांग 2027

दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · मार्गशीर्ष

1 दिसंबर 2027 का पंचांग

बुधवार · मार्गशीर्ष शुक्ल तृतीया

1 दिसंबर 2027, बुधवार को मार्गशीर्ष शुक्ल तृतीया है, सुबह 11:40 तक; उसके बाद चतुर्थी। नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा है, रात 11:46 तक। सूर्योदय सुबह 6:56 और सूर्यास्त शाम 5:24। राहु काल दोपहर 12:10 से दोपहर 1:28 तक है। समय नई दिल्ली के हैं।

त्योहार

इस दिन कोई बड़ा त्योहार नहीं

अगला त्योहार: विवाह पंचमी · राम सीता विवाह, 3 दिसंबर 2027, शुक्रवार।

पंचांग

1 दिसंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण

तिथि
मार्गशीर्ष शुक्ल तृतीयासुबह 11:40 तक, फिर चतुर्थी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ारात 11:46 तक, फिर उत्तराषाढ़ा
योग
गंड2 दिसंबर, रात 2:42 तक, फिर वृद्धि
करण
गरसुबह 11:40 तक
वार
बुधवार
पक्ष
शुक्ल पक्ष
महीना
मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)अमांत गिनती में भी यही
संवत
विक्रम संवत 2084
चंद्र राशि
धनुसूर्योदय के समय
सूर्य राशि
वृश्चिक
सूर्योदय
सुबह 6:56
सूर्यास्त
शाम 5:24
चंद्रोदय
सुबह 9:41
चंद्रास्त
रात 8:09

मुहूर्त

इस दिन के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त
सुबह 5:20 से सुबह 6:08 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
अभिजित मुहूर्त
सुबह 11:49 से दोपहर 12:31 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है। बुधवार को इसे नहीं लेते।
विजय मुहूर्त
दोपहर 1:55 से दोपहर 2:36 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।

इस दिन कब न शुरू करें

राहु काल
दोपहर 12:10 से दोपहर 1:28 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
यमगंड
सुबह 8:14 से सुबह 9:33 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
गुलिक काल
सुबह 10:51 से दोपहर 12:10 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।

सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। दिसंबर 2027 का पूरा महीना

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इस दिन की रामकथा

रीमकेर

खमेर · उनतालीस में से एक

कंबोडिया की राष्ट्रीय रामकथा, जिसका नाम ही है राम की कीर्ति। नाम बदल जाते हैं: राम वहाँ प्रेअह रीम, सीता नेअंग सेदा, और रावण क्रोंग रीप। यह कथा किताब से ज़्यादा मंच पर मिलती है, नाच और छाया नाटक में, और इसके दृश्य अंकोर वात तथा राजमहल की दीवारों पर बने हैं।

यह कथा पढ़िए · सारी उनतालीस रामकथाएँ

सवाल जवाब

पूछे जाने वाले सवाल

1 दिसंबर 2027 को कौन सी तिथि है?

1 दिसंबर 2027, बुधवार को मार्गशीर्ष शुक्ल तृतीया है, सुबह 11:40 तक। उसके बाद चतुर्थी लगती है।

1 दिसंबर 2027 को राहु काल कब है?

नई दिल्ली में 1 दिसंबर 2027 को राहु काल दोपहर 12:10 से दोपहर 1:28 तक है। यमगंड सुबह 8:14 से सुबह 9:33 तक और गुलिक काल सुबह 10:51 से दोपहर 12:10 तक है।

1 दिसंबर 2027 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र, रात 11:46 तक, फिर उत्तराषाढ़ा।

1 दिसंबर 2027 के बाद अगला त्योहार कब है?

विवाह पंचमी · राम सीता विवाह, 3 दिसंबर 2027, शुक्रवार को।