आज · दिन का पंचांग · विक्रम संवत 2084 · मार्गशीर्ष
25 नवंबर 2027 का पंचांग
गुरुवार · मार्गशीर्ष कृष्ण द्वादशी
25 नवंबर 2027, गुरुवार को मार्गशीर्ष कृष्ण द्वादशी है, सुबह 10:51 तक; उसके बाद त्रयोदशी। नक्षत्र चित्रा है, शाम 6:17 तक। सूर्योदय सुबह 6:51 और सूर्यास्त शाम 5:24। राहु काल दोपहर 1:27 से दोपहर 2:46 तक है। इस दिन प्रदोष व्रत है। समय नई दिल्ली के हैं।
पंचांग
25 नवंबर 2027 का पंचांग: तिथि, नक्षत्र, योग, करण
- तिथि
- मार्गशीर्ष कृष्ण द्वादशीसुबह 10:51 तक, फिर त्रयोदशी
- नक्षत्र
- चित्राशाम 6:17 तक, फिर स्वाती
- योग
- आयुष्मानसुबह 9:23 तक, फिर सौभाग्य
- करण
- तैतिलसुबह 10:51 तक
- वार
- गुरुवार
- पक्ष
- कृष्ण पक्ष
- महीना
- मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत)कार्तिक (अमांत, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण में)
- संवत
- विक्रम संवत 2084
- चंद्र राशि
- तुलासूर्योदय के समय
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
- सूर्योदय
- सुबह 6:51
- सूर्यास्त
- शाम 5:24
- चंद्रोदय
- रात 3:54
- चंद्रास्त
- दोपहर 3:09
मुहूर्त
इस दिन के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त
- सुबह 5:15 से सुबह 6:03 तकसूर्योदय से पहले के 96 से 48 मिनट: ध्यान, पाठ और पढ़ाई का समय।
- अभिजित मुहूर्त
- सुबह 11:47 से दोपहर 12:29 तकदिन के ठीक बीच का मुहूर्त, नए काम के लिए अच्छा माना जाता है।
- विजय मुहूर्त
- दोपहर 1:53 से दोपहर 2:36 तकदिन के पंद्रह हिस्सों में ग्यारहवाँ।
इस दिन कब न शुरू करें
- राहु काल
- दोपहर 1:27 से दोपहर 2:46 तकइस समय नया काम शुरू नहीं करते।
- यमगंड
- सुबह 6:51 से सुबह 8:10 तकइसे भी शुभ काम के लिए टालते हैं।
- गुलिक काल
- सुबह 9:30 से सुबह 10:49 तकदक्षिण भारत में इसे भी देखते हैं।
सारे समय नई दिल्ली के हैं, सूर्य और चंद्रमा की असली चाल से निकाले गए। दूसरे शहरों में कुछ मिनट का फ़र्क़ होगा। नवंबर 2027 का पूरा महीना
मुफ़्त · Manu Vishranti Calendar
कोई व्रत, कोई त्योहार अब छूटेगा नहीं
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- मुफ़्त
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इस दिन की रामकथा
रामावतारचरित
कश्मीरी · उनतालीस में से एक
कश्मीरी की रामकथा, रामावतारचरित, जिसे प्रकाश राम ने उन्नीसवीं सदी में रचा। यहाँ सीता रावण और मंदोदरी की बेटी हैं, जिन्हें जन्म के बाद छोड़ दिया गया। रावण और लंका के बनने की कथा सुंदरकांड के भीतर आती है, और पूरी कथा में कश्मीर का खाना, कपड़े और रीति रिवाज भरे हैं।